
काशी विश्वनाथ मंदिर में आप कर सकेंगे शादी जैसे मांगलिक कार्य, जानिए क्या है प्लान
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काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि हमने शादी विवाह और सामाजिक कार्य जैसे कार्यक्रमों को कराने के लिए कांट्रेक्टर को भी आमंत्रित किया है, जो सारी व्यवस्था ऑर्गेनाइज्ड कर दे.
वाराणसी के नवनिर्मित काशी विश्वनाथ धाम में मिलने वाली सुविधाओं में एक और सुविधा जुड़ने जा रही है. अब जल्द ही विश्वनाथ धाम में न केवल आपको सामाजिक कार्य करने की अनुमति रहेगी, बल्कि आप मांगलिक कार्य भी कर सकेंगे. वर-वधू अपने नव दाम्पत्य जीवन की शुरूआत बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद के साथ ले सकेंगे.
ऐसा संभव होने जा रहा है, क्योंकि विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने इसकी पूरी रुपरेखा बना चुका है. इस बारे में काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि जब से विश्वनाथ धाम का नवनिर्माण हुआ है तभी से श्रद्धालुओं के हितों वाले क्रियाकलापों को तेजी से बढ़ा रहें हैं और ऐसे तमाम अवसरों में वृद्धि भी कर रहे हैं.
सुनील वर्मा ने कहा, 'चाहे वह अक्षय दर्शन, धार्मिक क्रियाकलाप हो या फिर सामाजिक कार्य ही क्यों न हो, जैसे विश्वनाथ धाम में कोई संगोष्ठी करनी हो या फिर शादी-विवाह करना हो, उसके लिए भी प्लान कर रहे हैं, शादी विवाह और सामाजिक कार्य जैसे कार्यक्रमों को कराने के लिए कांट्रेक्टर को भी आमंत्रित किया है, जो सारी व्यवस्था ऑर्गेनाइज्ड कर दे.'
सुनील वर्मा ने कहा कि कई लोग इसमें रुचि दिखा रहे हैं. शादी-विवाह या सामाजिक कार्य को लेकर नियम के सवाल पर सुनील वर्मा ने बताया कि सामान्य नियम ही लागू होंगे, कोई ऐसी गतिविधि अलाऊ नहीं होगी जो धार्मिक रूप से मान्य न हो और जनभावना का भी ख्याल रखा जाएगा, इसके अलावा श्रद्धालुओं के आवागमन में भी दिक्कत नहीं होगी.
इससे पहले काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन करने आए दो श्रद्धालुओं की मौत के बाद विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने अपनी रूपरेखा तैयार कर ली. मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि बीते 2 दिन में दोनों ही मौतें कॉरिडोर के बाहर हुई हैं. ये दोनों लोग दर्शन करने जरूर आए थे, लेकिन उनकी मौत कॉरिडोर में नहीं हुई है.
सुनील वर्मा ने बताया था कि लगभग डेढ़ लाख लोग दर्शन करने के लिए लंबा सफर तय करके आ रहे हैं. गर्मी के चलते मैट को भी डबल-ट्रिपल लेयर करके बिछाया जा रहा है. गैलरी में बैठने और पेयजल की भी व्यवस्था की गई है. ज्यादा शेड्स या कैनोपी को नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि हवा और आंधी में इससे श्रद्धालु चोटिल हो सकते हैं.

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