
कश्मीर में बंपर सेब उत्पादन के बाद भी किसानों को सता रही चिंता, जाने क्या है वजह
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Kashmir Apple Farming: कश्मीर के किसान सेब की दरों में स्थिरता आने का इंतजार कर रहे हैं. पिछले साल स्थानीय फल मंडी में सेब के 15 किलो के 1 डिब्बे का रेट 1 हजार रुपये था. उन्हीं डिब्बों पर इस साल 500 रुपये मिल रहे हैं. ऐसे में किसानों के सामने फसल की लागत निकालने का भी संकट आ गया है.
Jammu Kashmir Apple Farmers Worried: कश्मीर में मौसम अनुकूल रहने की वजह से इस बार सेब की बंपर पैदावार हुई है. बढ़िया उपज हासिल करने के बाद भी किसान अपनी फसल बाजार में बेचने से हिचक रहे हैं. कई किसानों ने अभी तक सेब के फलों की तुड़ाई नहीं की है. ये किसान सेब के गिरते हुए रेट से परेशान हैं और अपनी उपज को बाजार में अभी नहीं उतारना चाह रहे हैं.
सेब का क्या है रेट
शोपियां के रहने वाले किसान मोहम्मद याकूब ने इंडिया टुडे को बताया कि उन्होंने अभी तक सेबों की तुड़ाई नहीं की है. वे बाजार में सेब की दरों में स्थिरता आने का इंतजार कर रहे हैं. पिछले साल स्थानीय फल मंडी में 15 किलो का एक सेब का डिब्बा 1000 रुपये में बिक रहा था. इस साल ये 500 रुपये में बिक रहा है. अगर इस दर पर हम अपनी उपज बेचते हैं तो हमें भारी नुकसान होगा. लागत भी निकालनी मुश्किल हो जाएगी.
क्यों आई सेब के दरों में कमी
घाटी के अन्य किसानों के सामने भी यही चुनौती है. उनका मानना है कि ईरान से आयात सेबों की वजह से दरों में कमी आई है. यही वजह है कि किसानों ने सरकार से ईरान से सेब के आयात पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है.
किसानों के हित में लिए जा रहे ये फैसले

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