
कर्नाटक में ब्रेकफास्ट पार्ट-2 खत्म कर पाएगा कांग्रेस का संकट? आज सिद्धारमैया डीके शिवकुमार के मेहमान
AajTak
कर्नाटक में CM सिद्धारमैया और डिप्टी CM डीके शिवकुमार के बीच विवाद खत्म होने के संकेत मिल रहे हैं. आज दोनों नेता नाश्ते पर मीटिंग करने वाले हैं. दोनों हाईकमान के निर्देशों का पालन करने पर सहमत हैं. यह बैठक वादों को पूरा करने की संयुक्त कोशिशों को मज़बूत करने और राजनीतिक तनातनी कम करने की पहल मानी जा रही है.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एकता दिखाते हुए 2 दिसंबर को डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के घर नाश्ते पर जाने वाले हैं. कुछ ही दिन पहले दोनों ने सत्ता की लड़ाई के बाद साथ खाना खाया था. शिवकुमार ने सोमवार शाम को कन्फर्म किया कि उन्होंने सिद्धारमैया को नाश्ते पर बुलाया है, जिससे कर्नाटक से किए गए वादों को पूरा करने के लिए मिलकर की गई कोशिशों पर बात की जा सके और उन्हें मज़बूत किया जा सके.
सिद्धारमैया ने दिन में पहले कहा था कि उन्हें अभी तक कोई ऑफिशियल न्योता नहीं मिला है. जबकि शिवकुमार ने कहा था कि यह उनके और CM के बीच का मामला है, और वे 'भाइयों' की तरह काम कर रहे हैं.
डीके शिवकुमार ने शाम को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "मैं और मुख्यमंत्री एक टीम की तरह मिलकर काम करना जारी रखेंगे. मैंने माननीय CM को कल नाश्ते पर बुलाया है, जिससे कर्नाटक से किए गए अपने वादों को पूरा करने के लिए मिलकर की गई कोशिशों पर बात की जा सके और उन्हें मज़बूत किया जा सके."
हाईकमान की बात मानेंगे सिद्धारमैया
दोनों नेताओं के बीच लीडरशिप विवाद पर बनी अड़चन को खत्म करने की कोशिश में, शिवकुमार दो दिन पहले CM के घर गए थे. कांग्रेस हाईकमान के कहने पर सिद्धारमैया ने इसी तरह की ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई थी. शनिवार को हुई शुरुआती मीटिंग के बाद, दोनों नेताओं ने सबके सामने कहा था कि कोई कन्फ्यूजन नहीं होगा.
लीडरशिप के मुद्दे पर, सिद्धारमैया और शिवकुमार ने कहा कि वे हाईकमान की बात मानेंगे.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






