
करीबी के घर से मिले 20 करोड़ कैश, 26 घंटे पूछताछ के बाद ममता के मंत्री अरेस्ट, लेकिन पिक्चर अभी बाकी है...
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पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर ईडी ने शुक्रवार को छापेमारी की थी. उनके घर से ईडी ने 20 करोड़ रुपये कैश बरामद किए थे. इस कार्रवाई के बाद शिक्षा भर्ती घोटाला मामले में ईडी ने उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी से पूछताछ की थी, जिसके बाद अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.
पश्चिम बंगाल में शिक्षा भर्ती घोटाले की जांच करते हुए ईडी ने करीब 26 घंटे की रेड के बाद ममता सरकार में तत्कालीन शिक्षा मंत्री और वर्तमान में उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में ले लिया है. बताया जा रहा है कि अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी मानी जाने वालीं अर्पिता मुखर्जी के घर पर शुक्रवार को ED ने छापेमारी की थी, जिसमें करीब 20 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था. ED को अर्पिता के खिलाफ कुछ पुख्ता सबूत मिले थे, जिसके बाद उनके घर पर भी रेड मारी थी. इस लिस्ट में माणिक भट्टाचार्य, आलोक कुमार सरकार, कल्याण मॉय गांगुली जैसे नाम भी शामिल हैं. इन सभी का बंगाल शिक्षा भर्ती घोटाले में कनेक्शन सामने आया था.
पार्थ चटर्जी के कार्यकाल में हुआ था घोटाला
ममता सरकार में उद्योग और वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी उस समय राज्य के शिक्षा मंत्री थे, जब कथित घोटाला हुआ था. सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है. पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी. सीबीआई पश्चिम बंगाल के शिक्षा राज्य मंत्री अधिकारी से भी पूछताछ कर चुकी है.
बंगाल सरकार में शिक्षा मंत्री हैं अधिकारी
बता दें कि परेश चंद्र अधिकारी फिलहाल बंगाल सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री हैं. आरोप है कि मंत्री परेश अधिकारी ने अपने प्रभाव से बेटी अंकिता अधिकारी को एसएससी में बिना मेधा तालिका में नाम आए शिक्षिका की नौकरी दिलवाई. हालांकि बाद में कोलकाता हाई कोर्ट ने अंकिता अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश दिया था. साथ ही कहा था कि जो तनख्वाह उन्होंने ली है, उसे वापस जमा कराई जाए.

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