
कभी बंगाल, कभी गोवा की बेटी बन जाती हैं, मां-बाप का ठिकाना नहीं... ममता बनर्जी पर दिलीप घोष की टिप्पणी
AajTak
दिलीप घोष ने कहा कि जब ममता बनर्जी बंगाल जाती हैं तो खुद को बंगाल की बेटी बोलती हैं, जब गोवा जाति हैं तो गोवा की बेटी बन जाती हैं. मां बाप का कोई ठिकाना नहीं है, कभी भी कुछ भी बोल देती हैं.
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और बीजेपी सांसद दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. दिलीप घोष बुधवार को कोलकाता में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2022 में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी के वंश पर सवाल उठाते हुए कहा, 'ममता जिस राज्य में जाती हैं, खुद को उस राज्य का बताने लगती हैं.
दिलीप घोष ने कहा कि जब ममता बनर्जी बंगाल जाती हैं तो खुद को बंगाल की बेटी बोलती हैं, जब गोवा जाति हैं तो गोवा की बेटी बन जाती हैं. मां बाप का कोई ठिकाना नहीं है, कभी भी कुछ भी बोल देती हैं. घोष के इस बयान के बाद टीएमसी उन पर हमलावर हो गई है. टीएमसी ने कहा कि पहले दिलीप घोष ने मां दुर्गा के जन्म पर सवाल उठाया था. अब वे ममता बनर्जी के जन्म पर सवाल उठा रहे हैं. ममता इस वक्त भारत की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री हैं.
बयान पर टीएमसी सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि दिलीप घोष ने पहले भी गलत टिप्पणी की है. ममता भारत की बेटी हैं. हम उनके खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं. इसके साथ ही टीएमसी में नंबर 2 की भूमिका निभाने वाले अभिषेक बनर्जी ने भी सोशल मीडिया पर बीजेपी की खिंचाई की.
अभिषेक बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए ट्वीट कर कहा कि इस तरह की बयानबाजी करने वाले को गिरफ्तार करने का समय आ गया है! क्या इस तरह भाजपा के नेता देश की एकमात्र मौजूदा महिला मुख्यमंत्री के बारे में बात करते हैं? दिलीप घोष जैसे लोगों के द्वारा इस तरह की राजनीतिक कर कीचड़ उछालना जारी है.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.







