
कपिल सिब्बल ने नए मंच का किया ऐलान, बोले- मैं मोदी जी की आलोचना करने नहीं बैठा, उन्हें सुधार दूंगा
AajTak
पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को नए मंच का ऐलान कर दिया. उन्होंने कहा कि यह मंच देश में फैले अन्याय से लड़ेगा. इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार लोगों के खिलाफ काम कर रही है. वह विपक्षी दलों के खिलाफ जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने शनिवार को एक नए मंच इंसाफ (Insaaf) की घोषणा कर दी. इसके बाद सिब्बल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में मौजूद ‘अन्याय’ से लड़ने के लिए इस मंच की घोषणा कर रहे हैं. सिब्बल ने आगे कहा, हम भारत के लिए एक नई दृष्टि देंगे, जो एक सकारात्मक एजेंडा होगा. मैं (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी की आलोचना करने नहीं बैठा हूं, मैं उनको सुधार दूंगा.
सिब्बल ने कहा कि वह 11 मार्च को जंतर-मंतर पर इस पहल के संबंध में एक बैठक करेंगे और भारत के लिए एक नई दृष्टि पेश करेंगे. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विपक्षी नेताओं और आम लोगों समेत सभी को खुला निमंत्रण है.
अन्याय को बढ़ाने वाली RSS के विचारधार से लड़ेंगे
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई में लोगों की मदद करने के लिए ‘इंसाफ’ मंच और ‘इंसाफ के सिपाही’ नामक वेबसाइट शुरू कर रहे है. सिब्बल ने कहा, यह राष्ट्रीय स्तर का एक मंच होगा, जिसमें वकील सबसे आगे होंगे. आरएसएस की शाखाएं भी हर इलाके में अपनी विचारधारा का प्रसार कर रही हैं, जो कुछ मामलों में अन्याय को भी बढ़ावा देती है. हम उस अन्याय से भी लड़ेंगे. उन्होंने गैर-बीजेपी दलों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं समेत हर किसी से उनकी इस पहल में मदद करने की अपील की.
राजनीति नहीं, संवैधानिक मूल्यों के लिए लड़ूंगा
सिब्बली ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह नागरिकों के खिलाफ काम करने वाली सरकार के शासन में हैं. भारत में हर जगह अन्याय फैला है. नागरिकों, संस्थाओं, पत्रकारों, शिक्षकों और मझोले एवं छोटे कारोबारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






