
एक है धारावी... कहानी एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी-बस्ती की जो अब बनेगी 'मॉडर्न सिटी'
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करीब 600 एकड़ में फैले इस इलाके में आठ लाख से ज्यादा लोग रहते हैं. एक से दो लाख लोग प्रति वर्ग किलोमीटर के जनसंख्या घनत्व ने इसे दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में से एक बना दिया है. धारावी एशिया का सबसे बड़ा स्लम यानी झुग्गी है. मुंबई के बिल्कुल बीच में बसे इस इलाके को 'मिनी इंडिया' भी कहा जाता है, क्योंकि यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से आकर प्रवासी बस गए हैं. धारावी सिर्फ एक बस्ती या इलाका नहीं, यह मुंबई की धड़कन है.
मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया का एक सच धारावी भी है. यहां घर को घर कहना भी शायद अतिश्योक्ति होगी, क्योंकि 10X10 फीट के एक मकान में सात-आठ लोगों का परिवार गुजारा करता है. बुनियादी सुविधाएं काश इस इलाके को छूकर निकली होतीं, बेहिसाब भीड़ और गंदगी से फैलने वाली बीमारियों ने धरावी के लोगों की औसत आयु (60 साल) को देश की तुलना में दस साल कम कर दिया है. कहते हैं धारावी कभी नहीं सोती, यहां दिन-रात मशीनें चलती हैं, सुइयां भागती हैं और हथौड़े चलते हैं.
एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी
करीब 600 एकड़ से ज्यादा में फैले इस इलाके में आठ से दस लाख लोग रहते हैं. चार लाख लोग प्रति वर्ग किलोमीटर के जनसंख्या घनत्व ने इसे दुनिया की सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में से एक बना दिया है. साथ ही धारावी एशिया का सबसे बड़ा स्लम यानी झुग्गी है. मुंबई के बिल्कुल बीच में बसे इस इलाके को 'मिनी इंडिया' भी कहा जाता है, क्योंकि यहां देश के अलग-अलग इलाकों से आए प्रवासी बस गए हैं. धारावी सिर्फ एक बस्ती या इलाका नहीं, यह मुंबई की धड़कन है.
अब धारावी की झुग्गियों को हटाकर इलाके को मॉडर्न सिटी बनाने के प्लान पर काम चल रहा. इसके लिए अडानी ग्रुप और महाराष्ट्र सरकार के बीच एक समझौता हुआ है. इस डील के तहत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने 95,790 करोड़ रुपये की धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) के मास्टर प्लान को मंज़ूरी दे दी है. जनवरी 2025 से इस प्रोजेस्ट पर काम शुरू भी हो चुका है, जिसका मकसद जनवरी 2032 तक धारावी को एक आधुनिक और शहरी क्षेत्र में बदलना है. हालांकि इसे लेकर विवाद भी है और स्थानीय लोगों की चिताएं भी हैं.
धारावी का इतिहास
धारावी को साल 1880 के आसपास बसाया गया था, जब देश अंग्रेजी हुकूमत के अधीन था. ब्रिटिश शासन ने मुख्य शहर से कारखानों और उद्योगों को हटाने के लिए धारावी को बसाया और रोजगार की तलाश में देशभर से मजदूर यहां आकर रहने लगे. लेकिन आज जिस मुंबई को हम जानते हैं वो कभी सात द्वीपों का एक समूह हुआ करती थी. 17वीं सदी तक इन द्वीपों पर पुर्तगालियों का कब्जा था. फिर पुर्तगाली राजकुमारी कैथरीन डी ब्रगैंजा की शादी ब्रिटिश सम्राट चार्ल्स द्वितीय के साथ हुई और पुर्तगालियों ने अंग्रेजों को मुंबई दहेज में दे दिया.

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