
एक महीने से रहस्यमयी तरीके से गांव में लग रही थी आग, हकीकत सामने आई तो चौंक गए लोग
AajTak
तिरुपति में एक लड़की पिछले एक महीने से घर और गांव में आग लगा रही थी. इंटरमिडिएट में फेल होने और अपनी मां के स्वभाव से परेशान होकर लड़की यह सब करने लगी थी. वहीं, जब तक लड़की की इस हरकत का पता नहीं चल पाया था, तब तक गांव वाले इन घटनाओं को भूत-प्रेत और तंत्र मंत्र से जोड़कर देख रहे थे.
आंध्र प्रदेश के तिरुपति में पिछले एक महीने से 19 साल की लड़की अपने घर समेत गांव के दूसरे घरों में भी आग लगा रही थी. जिस कारण गांव वालों के बीच दशहत का माहौल था. दरअसल, लड़की इंटरमिडिएट की परीक्षा में फेल होने और अपनी मां के स्वभाव से परेशान थी.
वह चाहती थी कि उसका परिवार यह गांव छोड़कर किसी दूसरी जगह रहने चले. लेकिन परिवार इसके लिए राजी नहीं था. तो लड़की ने इस तरह की हरकतें करना शुरू कर दिया.
वहीं, जब तक लड़की की इस हरकत का पता नहीं चल पाया था, तब तक गांव वाले आगजनी की इन घटनाओं को भूत-प्रेत और तंत्र मंत्र से जोड़कर देख रहे थे. तिरुपति के एएसपी जे.वेंकट राव ने सोमवार को खुलासा करते हुए बताया कि सनांबतला में 19 साल की लड़की ने पिछले करीब एक महीने में अपने और गांव के करीब 12 घरों में आग लगाई.
आरोपी लड़की का नाम कीर्ति है. उसने घर के कपड़े, घास का ढेर और अन्य सामानों में आग लगाकर घटनाओं को अंजाम दिया.
अपनी मां से थी परेशान एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, लड़की अपनी मां के स्वभाव से परेशान थी और वह इंटरमिडिएट में फेल हो गई थी. वह चाहती थी कि उसका परिवार यह गांव छोड़कर किसी दूसरे जगह रहने चले. इस कारण वह गांव में डर का माहौल तैयार कर रही थी. पुलिस ने गांव वालों ने कहा कि गांव में कोई भूत-प्रेत नहीं है. किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है.
पुलिस ने बताया कि कीर्ति ने तीन बार 30 अप्रैल, 12 और 16 मई को अपने और गांव वालों के घरों में आग लगाई. वहीं, एक बार उसने अपनी सोती हुई मां की साड़ी में भी आग लगाई. हालांकि, किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा. साथ ही उसने घर से 30 हजार रुपये भी चुराए. कीर्ति ने पुछताछ में यह भी खुलासा किया कि उसकी एक दोस्त उससे बात नहीं कर रही थी और इस कारण भी उसने ऐसा किया.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






