
एंटी इंडिया प्रोटेस्ट, अवामी लीग के दफ्तरों पर हमले... बांग्लादेश में चुनावी स्टंट से कहीं स्थिति आउट ऑफ कंट्रोल न हो जाए
AajTak
कट्टरपंथी नेता हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में भारी हिंसा और भारत विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों ने भारतीय दूतावासों और अवामी लीग के दफ्तरों को निशाना बनाया है. 2026 के चुनावों की घोषणा के बीच बढ़ती अशांति और चरमपंथी एजेंडा भारत के लिए भी गंभीर खतरा बन गया है
पड़ोसी देश बांग्लादेश एक बार फिर गंभीर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल की गिरफ्त में है. एंटी-इंडिया कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में भड़के हिंसक प्रदर्शनों ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है, बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों को भी तनाव के नए मोड़ पर ला खड़ा किया है. हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि आगामी चुनावों से पहले यह उबाल कहीं पूरी तरह आउट ऑफ कंट्रोल न हो जाए.
शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को एक चुनावी अभियान के दौरान सिर में गोली मारी गई थी. गंभीर हालत में उसे सिंगापुर एयरलिफ्ट किया गया, जहां एक हफ्ते बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हादी की मौत की खबर सामने आते ही बांग्लादेश के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए.
अवामी लीग के दफ्तर निशाने पर चट्टोग्राम में प्रदर्शनकारियों ने भारत के उप उच्चायुक्त के आवास पर पथराव किया, जबकि राजशाही में भी भारतीय राजनयिक कार्यालय की ओर मार्च की कोशिश हुई, जिसे पुलिस ने रोक दिया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भारतीय सहायक उच्चायोग के पास पत्थरबाजी के दृश्य साफ दिखाई दिए.
हिंसा सिर्फ भारत विरोध तक सीमित नहीं रही. प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग के दफ्तरों को भी निशाना बनाया और भारत में शरण लिए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश को सौंपने की मांग की. हादी 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन का बड़ा चेहरा माना जाता था. उसकी मौत ने सत्ता विरोधी और कट्टरपंथी ताकतों को एक नया मुद्दा दे दिया है.
यह भी पढ़ें: कौन था ग्रेटर बांग्लादेश का मैप बनाने वाला उस्मान हादी? मौत के बाद जल उठा ढाका, कट्टरपंथी ले रहे इंडिया का नाम
ढाका में हालात बेकाबू, आंसू गैस का इस्तेमाल बुधवार को ढाका में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने भारतीय राजनयिक परिसरों-खासकर भारत के उप उच्चायुक्त के आवास के बाहर जमा होने की कोशिश की. हालात बिगड़ता देख पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा. इस प्रदर्शन में नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के कार्यकर्ता भी शामिल हुए, जो पिछले साल के छात्र आंदोलन से निकली एक प्रभावशाली राजनीतिक धारा मानी जाती है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.

आज हम आपको अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय हथियारों से रूबरू कराने वाले हैं. कुछ जो इंसान के बचाव के लिए बने हैं और कुछ केवल विनाश के लिए. डोनाल्ड ट्रंप जिस वक्त अमेरिका की ताकत पर इतरा रहे थे, बता रहे थे कि उन्होंने ईरान की ताकत को मिट्टी में मिला दिया है. इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने इजरायल पर आज तक के सबसे बड़े हमले को अंजाम दिया.

कतर के समुद्री इलाके में रविवार को एक बड़ा सैन्य हादसा हो गया. रूटीन ड्यूटी पर निकला एक हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी की वजह से क्रैश होकर समुद्र में जा गिरा. इस दर्दनाक हादसे में कतर और तुर्की सेना के 5 जवानों समेत 2 टेक्नीशियनों की मौत हो गई. दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए गहरा दुख जताया है.









