
उमेश पाल के शूटरों ने ले रखी है UP में ही पनाह! सिर्फ अतीक के बेटे के नेपाल में होने का शक
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Prayagraj Shootout Case: नेपाल में माफिया डॉन अतीक अहमद के कई होटल व्यापारियों से अच्छे संपर्क हैं और वहीं मुख्तार अंसारी का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन भी इनके लिए मदद में काम कर रहा है. पुलिस सूत्रों की मानें तो घटना को अंजाम देने के बाद से ही शूटरों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए और उनके परिवारवाले भी नंबर बदलकर ही एक-दूसरे से बात कर रहे हैं.
UP News: प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस टीमों को आशंका है कि शूटआउट को अंजाम देने वाले शूटरों को छिपने और भागने में माफिया डॉन अतीक अहमद के साथ-साथ मुख्तार अंसारी का नेटवर्क भी मदद कर रहा है. मुख्तार अंसारी के नेक्सस से जुड़े कई संदिग्ध नंबर लखनऊ और बहराइच में यूपी एसटीएफ को संदिग्ध सक्रिय मिले हैं.
उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने वाली शूटरों की तलाश में यूपी एसटीएफ और प्रयागराज पुलिस की टीमें हर तरफ छापेमारी कर रही हैं. बमबाज गुड्डू मुस्लिम के साथ-साथ मोहम्मद गुलाम और साबिर के जिन मददगारों के मोबाइल नंबर पुलिस टीमों को हासिल हुए हैं, उनके कॉल डिटेल खंगालने के बाद आशंका जताई जा रही है कि 24 फरवरी को हत्या करने के बाद शूटरों की मदद और अब उनके क्षेत्र में मुख्तार अंसारी के लोग कर रहे हैं. लखनऊ के 2 बड़े बिल्डरों और बहराइच में एक वकील का नंबर कॉल डिटेल को खंगालने के बाद सामने आए हैं
नेपाल में असद, तो यूपी में ही छिपे बाकी शूटर
पुलिस को जानकारी मिली है कि अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद असद ने बहराइच के रास्ते नेपाल में शरण ले ली है. वहीं, बाकी शूटर मोहम्मद गुलाम, साबिर और गुड्डू मुस्लिम अभी यूपी में ही छिपे हो सकते हैं.
भागने में 4 गाड़ियों का हुआ इस्तेमाल
पुलिस सूत्रों की मानें तो अब तक की कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद साफ हुआ है कि घटना के बाद आरोपियों के फरार होने में 2 फॉर्च्यूनर, एक क्रेटा और एक जेस्ट कार का इस्तेमाल हुआ था. इन 4 गाड़ियों से अपराध को अंजाम देने के बाद बदमाश अलग-अलग दिशाओं में फरार हुए हैं. सभी गाड़ियों पर अलग-अलग फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थीं. एक फॉर्च्यूनर पर तो लोडिंग गाड़ी की नंबर प्लेट को लगाकर शूटर फरार हुए हैं.

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