
ईस्ट इंडिया कंपनी फिर दिवालिया घोषित, 2010 में भारतीय एंटरप्रेन्योर संजीव मेहता ने दोबारा किया था शुरू
ABP News
साल 1857 में ईस्ट इंडिया कंपनी को दुनिया की पहली मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन कहा जाता है. 1857 में जब विद्रोह खत्म हुआ, तब ब्रिटिश क्राउन ने कंपनी को अपने में मिला लिया था और उसकी सेना को खत्म कर दिया था.
भारत में ब्रिटिश उपनिवेश का रास्ता बनी ईस्ट इंडिया कंपनी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कंपनी एक बार फिर से बंद हो गई है. हाल ही में लंदन में एक लग्जरी रिटेल के तौर पर काम कर रही थी. इस कंपनी को 2010 में एक लग्जरी खाने-पीने की रिटेलर के तौर पर शुरू किया गया था. द संडे टाइम्स की मानें तो कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया गया है. इससे पहले भी एक बार ईस्ट इंडिया कंपनी दिवालिया होने से बच गई थी.
दुनिया की पहली मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन
साल 1857 में ईस्ट इंडिया कंपनी को दुनिया की पहली मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन कहा जाता है. 1857 में विद्रोह खत्म हुआ था. तब ब्रिटिश क्राउन ने कंपनी को अपने में मिला लिया था. उसकी निजी सेना को खत्म कर दिया गया था.
भारतीय एंटरप्रेन्योर ने दोबारा शुरू की थी कंपनी













