
'इनमें से कोई भी प्लेन अमेरिका में नहीं रहेगा', Boeing के दो कर्मियों ने Dreamliner विमानों पर किए थे चौंकाने वाले खुलासे
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अहमदाबाद दुर्घटना में शामिल 787 ड्रीमलाइनर को जनवरी 2014 में बोइंग की एवरेट, वाशिंगटन फैसिलिटी से एअर इंडिया को डिलीवर किया गया था. हालांकि, द अमेरिकन प्रॉस्पेक्ट ने नोट किया है कि उस विमान में इस्तेमाल किए गए टेल के कुछ हिस्सों का निर्माण चार्ल्सटन फैसिलिटी में किया गया था.
एअर इंडिया का विमान AI-171 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही क्षणों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 270 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद बोइंग के 787 ड्रीमलाइनर विमान की सेफ्टी और क्वालिटी पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जबकि जांचकर्ता इस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं, द अमेरिकन प्रॉस्पेक्ट (The American Prospect) द्वारा प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट में बोइंग की फैसिलिटी में मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस के बारे में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, विशेष रूप से एअर इंडिया को वर्षों पहले दिए गए विमानों के संबंध में.
रिपोर्ट में बोइंग के पूर्व कर्मचारियों द्वारा कंपनी की साउथ कैरोलिना के चार्ल्सटन स्थित फैसिलिटी में ड्रीमलाइनर विमानों की मैन्युफैक्चरिंग में कथित खामियों के दावों का हवाला दिया गया है. द प्रॉस्पेक्ट के अनुसार, बोइंग के चार्ल्सटन प्लांट से जुड़े दो लोगों ने एक दशक से भी ज्यादा समय से लगातार गुणवत्ता संबंधी समस्याओं का जिक्र किया है. उनमें से एक, सिंथिया किचन्स, जिन्होंने 2009 से 2016 के बीच प्लांट में क्वालिटी मैनेजर के रूप में काम किया था, उन्होंने कथित तौर पर अपने दावों का समर्थन करने के लिए इंटरनल नोट्स, फोटोज और डॉक्यूमेंट्स शेयर किए हैं.
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ड्रीमलाइनर विमानों में गंभीर मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट के आरोप
किचन्स ने आरोप लगाया कि उस अवधि के दौरान निर्मित कई 787 ड्रीमलाइनर विमानों में गंभीर मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट पाए गए थे, जिनमें से छह विमान कथित तौर पर एअर इंडिया को सौंप दिए गए थे. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, और वर्तमान में इनके और AI171 की दुर्घटना के बीच कोई आधिकारिक संबंध नहीं है, फिर भी इनसे पिछले कुछ वर्षों में बोइंग की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं पर सवाल उठते रहे हैं. आजतक ने बोइंग से इस मामले में टिप्पणी के लिए संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
अहमदाबाद दुर्घटना में शामिल 787 ड्रीमलाइनर को जनवरी 2014 में बोइंग की एवरेट, वाशिंगटन फैसिलिटी से एअर इंडिया को डिलीवर किया गया था. हालांकि, द अमेरिकन प्रॉस्पेक्ट ने नोट किया है कि उस विमान में इस्तेमाल किए गए टेल के कुछ हिस्सों का निर्माण चार्ल्सटन फैसिलिटी में किया गया था. चार्ल्सटन फैसिलिटी वही साइट है जहां किचन्स और अन्य ने बाइंग के 787 विमानों की मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे और गुणवत्ता संबंधी चिंताएं जताई थीं. रिपोर्ट में बोइंग के कम्पोजिट फाइबर एयरफ्रेम के उपयोग के संबंध में इंजीनियरों और पूर्व कर्मचारियों द्वारा उठाई गई व्यापक चिंताओं की ओर भी इशारा किया गया है, जिसके बारे में कुछ आलोचकों का कहना है कि इसके जरिए लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चरल खामियों को छिपाया जा सकता है.

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