
आपकी गलती से होती है इनकी कमाई! Dark Web...इंटरनेट के अंडरवर्ल्ड में होता है खेल
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How Hackers Make Money: क्या आपके डेटा से भी कोई कमाई कर सकता है? हां बिलकुल, हैकर्स यही तो करते हैं. आपका डेटा चोरी करके किसी और को बेचते हैं, और पैसे बनाते हैं. जैसे किसी की जानकारी निकलवाने के लिए लोग खबरी को काम पर लगाते हैं. ऐसे ही हैकर्स आपकी जानकारी खोजते हैं और फिर उसे बेच कर पैस कमाते हैं.
'उस आदमी की जानकारी चाहिए एक खबरी उसके पीछे लगा दो...' ऐसे डायलॉग आपने कई फिल्मों में सुने होंगे, लेकिन किसी खबरी से आपका पाला शायद ना पड़ा हो? मगर इंटरनेट की दुनिया में कई डिजिटल खबरी हैं, जो आपकी जानकारी चोरी करते हैं. चोरी करके नीलाम करते हैं और फिर अपनी जेब भरते हैं. हम बात कर रहे हैं हैकर्स की, जो आपका डेटा चुराते हैं.
डेटा लीक की खबरें हमें अक्सर सुनने को मिलती हैं. कभी Facebook का तो कभी किसी अन्य प्लेटफॉर्म्स के यूजर्स का डेटा लीक होता है, लेकिन लीक हुए इस डेटा का होता क्या है. हैकर्स इसे कहां बेचते हैं और इनकी कीमत कैसे तय होती है. क्या आपने कभी इन सब पर विचार किया है.
हैकर्स आपका और इंटरनेट पर मौजूद करोड़ों लोगों का डेटा अक्सर खंगालते रहते हैं. यूजर्स के डेटा को चोरी करने के लिए हैकर्स कई तरह के लूप होल्स तलाशते हैं. लूप होल्स यानी ऐसा दरवाजा या खामी, जहां से डेटा चुराया जा सके. आइए जानते हैं इस हैकर्स, हैकिंग और डेटा चोरी की पूरी कहानी.
सबसे पहले बात करते हैं डेटा कैसे चोरी होता है? स्कैमर्स इंटरनेट पर मौजूद लोगों का डेटा चुराने के लिए किसी बड़ी वेबसाइट में कोई खामी खोजते हैं. इस खामी के सहारे स्कैमर्स वेबसाइट या फिर प्लेटफॉर्म के डेटाबेस में सेंधमारी करते हैं और फिर लाखों यूजर्स का डेटा चुराते हुए हैं. चोरी हुआ ये डेटा Dark Web पर पहुंचता है, जहां इसकी निलामी होती है.
अब समझते हैं डार्क वेब क्या होता है. दरअसल, इंटरनेट की दुनिया को तीन हस्सों में बांटा गया है. पहला हिस्सा सर्फेस वेब है, जिसका इस्तेमाल लगभग हर एक शख्स करता है. यानी आप इंटरनेट पर जो कुछ सर्च करते हैं, ये सब सर्फेस वेब का हिस्सा है, लेकिन ये इंटरनेट की दुनिया का मामूली हिस्सा होता है.
इसके बाद बारी आती है डीप वेब की, जहां तमाम ऐसे वेब पेज होते हैं, जो सामान्यतः सर्च इंजन पर नजर नहीं आते हैं. आप किसी भी विषय पर ज्यादा जानकारी के लिए इंटरनेट पर पन्ने-दर-पन्ने डेटा को खंगालते हैं, तो ये डीप सर्च का हिस्सा बन जाता है. आखिर में बारी आती है Dark Web की.

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