
आने वाली है जलवायु 'प्रलय', इन पांच भयानक चीजों से जूझ रही हमारी धरती
AajTak
धरती पर जलवायु 'प्रलय' आने वाली है. हमारी पृथ्वी पांच बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के मुहाने पर खड़ी है. कई बार तो जूझती भी है. अगर पेरिस एग्रीमेंट के तहत ग्लोबल वॉर्मिंग नहीं रुका तो भयानक प्राकृतिक मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा. एक बड़े पैमाने पर हुई नई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है.
धरती हर सेकेंड तबाही की ओर बढ़ रही है. ऐसी तबाही जिसे रोक पाना किसी इंसान के बस में नहीं होगा. चाहे वह कितना ही धनवान या ताकतवर क्यों न हो. न ही वो बच पाएगा. न ही किसी को बचा पाएगा. अगर पेरिस समझौते के तहत दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग को डेढ़ डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं बढ़ने देती है. तब भी उसे खतरनाक प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ेगा. क्योंकि तब जलवायु (Climate) खुद ही अपने को ठीक करेगी. बिगाड़ेगी. सुधारेगी. इसे कोई ठीक नहीं कर पाएगा.
एक बड़े पैमाने पर हुई नई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है. इस स्टडी को Science जर्नल में प्रकाशित किया गया है. वर्तमान परिस्थितियों में ही दुनिया पांच बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के मुहाने पर खड़ा है. जिसमें सबसे बड़ा खतरा है अंटार्कटिका (Antarctica) और ग्रीनलैंड (Greenland) की बर्फ का पिघलना. यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सटर के शोधकर्ता टिम लेंटन ने कहा कि जैसा मुझे लगता है कि इससे पूरी दुनिया की शक्ल बदल जाएगी. अगर आप अंतरिक्ष से धरती की ओर देखोगे तो आपको समुद्री जलस्तर में बढ़ोतरी दिखेगी. वर्षावन खत्म हो जाएंगे.
जिन पांच प्राकृतिक आपदाओं के मुहाने पर खड़े होने की बात कही जा रही है, उन्हें लेकर टिम लेंटन ने साल 2008 में एक और स्टडी की थी. दोनों ही स्टडी में इस बात पर जोर दिया गया है कि अगर हमनें जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और ग्लोबल वॉर्मिंग (Global Warming) को नहीं रोका तो प्रकृति खुद ही अपना बदला लेगी. खुद ही उसे सुधारेगी. क्योंकि एक सीमा के बाद उसके सहने की क्षमता खत्म हो जाएगी. वह टूटेगी, बिखरेगी और धरती पर मौजूद इंसानों और जीव-जंतुओं को नष्ट करने लगेगी.
अगर आज की तारीख में ग्लोबल वॉर्मिग रुक जाए तब भी बर्फ का पिघलना फिलहाल नहीं रुकेगा. समुद्र में आ रहे बदलावों को रोका नहीं जा सकता. वर्षावनों का खत्म होना कोई नहीं रोक पाएगा. ये सब के सब एक नई स्थिति में आ जाएंगे. शुरुआती स्टडी में इस बात की जांच की गई थी कि अगर तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो क्या होगा. इसके लिए कई ऑब्जरवेशन किए गए. मॉडलिंग की गई. पैलियोक्लाइमेट रीकंस्ट्रक्शन किया गया. ताकि यह पता चल सके कि कितने सालों में कितनी गर्मी बढ़ी है. धरती का जलवायु कितना बदला है.
साइंस जर्नल में छपी स्टडी में पहले की गईं 200 अन्य स्टडीज का विश्लेषण भी किया गया है. ताकि यह पता चल सके कि ये पांचों प्राकृतिक आपदाओं के मुहाने को धरती पार कब करेगी. पता चला कि इस समय 9 ग्लोबल टिपिंग प्वाइंट्स (Global Tipping Points) हैं, जो धरती के पूरे सिस्टम को खराब कर रही हैं. इसके अलावा सात क्षेत्रीय टिपिंग प्वाइंट्स (Regional Tipping Points) हैं. ये सभी प्वाइंट्स यानी प्राकृतिक आपदाओं के इशारे इंसानों ही नहीं जानवरों के लिए भी सुरक्षित नहीं हैं.
इन 16 टिपिंग प्वाइंट्स में से पांच प्वाइंट्स ऐसे हैं, जो आज भी मौजूद हैं. पहला ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका के हिमखंडों का पिघलना. दूसरा पर्माफ्रॉस्ट का खत्म होना. तीसरा लैबराडोर सागर में कनवेक्शन की कमी. उष्णकटिबंधीय कोरल रीफ्स का तेजी से मरना और समुद्री जलस्तर का तेजी से बढ़ना. इनमें से चार तो 2100 तक होने के पूरे चांस हैं, अगर बढ़ते हुए तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं बढ़ने दिया गया तब. सबसे भयावह चेहरा दिखेगा अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड के पूरी तरह से पिघलने पर.

यूपी सरकार अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. श्रावस्ती, आगरा और मुजफ्फरनगर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर चलाया जा रहा है. खासकर अतिक्रमण क्षेत्र में कड़ी निगरानी के साथ बुलडोजर कार्रवाई तेज हुई है. सरकार का यह कदम अवैध निर्माण रोकने और नियम कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

प्रयागराज में भारतीय वायुसेना के एक ट्रेनी माइक्रोलाइट विमान हादसे का शिकार हो गया. विमान शहर के बीचों-बीच एक तालाब में गिर गया. यह दुर्घटना केपी कॉलेज के पीछे हुई, जिससे इलाके में काफी अफरातफरी मची. हालांकि, राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित निकाल लिए गए और उनकी जान बच गई. अधिकारी अभी इस हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा उपनेता प्रमोद तिवारी ने भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन की नियुक्ति पर तीखा प्रहार किया है. उन्होंने इसे चुनाव नहीं, बल्कि चयन प्रक्रिया बताया जो लोकतंत्र के खिलाफ है. इधर नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की गड्ढे में गिरकर मौत को उन्होंने हत्या करार दिया और नोएडा अथॉरिटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. देखिए.

दिल्ली में बैठक, महाराष्ट्र पर तोल-मोल, कल लॉटरी सिस्टम पर फैसला... अगले 24 घंटे मेयर रेस के लिए अहम
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के बाद अभी तक ये तय नहीं हो सका है कि किस शहर में किस पार्टी का मेयर होगा. मुंबई के बीएमसी से लेकर ठाणे तक मामले बीजेपी और शिंदे गुट के बीच फंसा हुआ है. यही वजह है कि मुंबई की लड़ाई का फैसला दिल्ली में होगा.

रज्जू भैया के पिताजी ने शास्त्री जी से कहा कि मेरा बड़ा पुत्र राजेंद्र विश्वविद्यालय में साइंस पढ़ाता है, वह आरएसएस का कार्यकर्ता है और नैनी जेल में है. रज्जू भैया ने अपने संस्मरणों में लिखा है कि, “शास्त्रीजी ने छूटते ही कहा, आप उसको समझाइए कुंवर साहब कि वह आरएसएस जैसी खतरनाक संस्था के साथ अपना संबंध न रखे.’ RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने एक साहसिक ऑपरेशन के तहत आज सुबह लगभग छह बजे सेक्टर 39 स्थित जीरी मंडी के पास दो शूटर रॉकी और राहुल के साथ उनके एक साथी को गिरफ्तार किया है. आरोपी सेक्टर 32 के एक केमिस्ट शॉप में हुई फायरिंग घटना से जुड़े थे और उनका संबंध जालंधर में एक कारोबारी पर हुए हमले से भी है. पुलिस ने इस कार्रवाई में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त इन व्यक्तियों को पकड़कर मामले की जांच शुरू कर दी है.







