
आज का दिन: बीजेपी के दिग्गज नेता ही क्यों नहीं लड़ना चाहते गुजरात में चुनाव?
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गुजरात में चुनाव क्यों नहीं लड़े रहे BJP के दिग्गज नेता?, CAA के बिना DMs को नागरिकता देने की शक्ति गृ्ह मंत्रालय किस क़ानून के तहत दे रहा है? T20 वर्ल्डकप के सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड के सामने कितनी मज़बूत नज़र आएगी टीम इंडिया? सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ.
आज तक रेडियो आप के लिए लाता है सुबह सवेरे देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’, जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की ख़बरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अख़बारों की सुर्ख़ियाँ और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर अमन गुप्ता किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं. गुजरात में चुनाव क्यों नहीं लड़ रहे बीजेपी के दिग्गज नेता? गुजरात में बीजेपी 32 साल से सत्ता में है और उसे बरकरार रखने की कोशिश में भी है. कल शाम दो ख़त गुजरात से दिल्ली भेजे गए . ये ख़त वहाँ की राजनीति के लिए सरप्राइजिंग हैं. पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और उनकी सरकार में मंत्री रहे नितिन पटेल के ये खत हैं. और इस खत में उन्होंने कहा है कि वो चुनाव नहीं लड़ना चाहते. रुपाणी राजकोट वेस्ट से अभी विधायक हैं और मेहसाना सीट से विधायक हैं नितिन पटेल. इन दोनों के अलावा विजय रुपाणी सरकार में मंत्री रहे छह और विधायकों ने चुनाव लड़ने से इनकार किया है. और ये खबर ऐसे वक्त में आई है जब दिल्ली में बीजेपी की फाइनल कैंडीडेट लिस्ट पर बीजेपी मंथन में जुटी हुई है. मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल दिल्ली में ही हैं. खबर आते ही कारणों पर कयास लगने लगे. इन्टरेस्टिंग ये भी है कि विजय रुपाणी और नितिन पटेल दोनों अभी 75 साल के नहीं, ऐसे में वो फॉर्मूला भी लागू नहीं होता। जो बीजेपी ने टिकट वितरण के लिए मानक बनाया हुआ है. फिर क्या वजहें हैं इन पत्रों के और गुजरात बीजेपी के इन बड़े नेताओं की चुनाव न लड़ने की इस इच्छा की?
DMs को क्यों मिल रहा नागरिकता देने का अधिकार? नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर हुए प्रोटेस्ट कौन नहीं भूला होगा! एक साथ देश के कई हिस्से इसके गवाह रहे. हालांकि अभी इस पर बहस शांत है क्योंकि सरकार भी इसे लागू करने की जल्दी में नहीं. इसी बीच एक ख़बर आई है कि गृह मंत्रालय ने 29 जिलों के डीएम को जो देश के अलग अलग राज्यों से हैं उन्हें अधिकार दिया है कि दूसरे मुल्कों से आए ग़ैर मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र दे सकते हैं. इसका खुलासा हुआ है गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई एनुअल रिपोर्ट में. इसके बाद ही सवाल उठने शुरू हो गए कि जब सीएए अभी लागू ही नहीं हुआ तो फिर ये फैसला किस कानून के तहत है. और इसकी जरूरत क्यों थी?

पाकिस्तान के अंदर फिर से एक और कसाब फैक्ट्री तैयार की जा रही है. वो फिर से भारत के खिलाफ 26/11 मुंबई हमलों जैसी प्लानिंग कर रहे हैं. पाकिस्तान में हाफिज़ सईद का आतंकी संगठन लश्कर-ए- तैयबा एक वाटर फोर्स बना रहा है. आज भारत के खिलाफ आतंक के लश्कर की साज़िश के वीडियो दिखाएंगे, तो ये भी दिखाएंगे, कि भारतीय सेना भी तैयार है. देखें 10 तक.

भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नवीन को अपना 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पार्टी की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी. नितिन नवीन, जो 1980 में जन्मे, अब पार्टी के नए नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं. बीजेपी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, जिसके 14 करोड़ कार्यकर्ता हैं, जो अन्य बड़ी पार्टियों से कहीं अधिक हैं.

नोएडा इंजीनियर मौत मामले में एसआईटी कह रही है कि जल्द सबसे सवाल-जवाब करके निष्पक्ष जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी. लेकिन एक सवाल चश्मदीद की तरफ से उठ रहा है. वो चश्मदीद जो लगातार मीडिया को पहले बताते रहे कि पुलिस, दमकल, SDRF की टीम दो घंटे तक बचाने के लिए नहीं उतरी थी. लेकिन बाद में वो कुछ और बयान देते पाए गए. जानकारी मिली कि पुलिस ने उन्हें पांच घंटे तक बैठाकर रखा था. तो क्या ये दबाव बनाने की कोशिश थी? देखें खबरदार.

गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 11 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही भरभराकर गिर गई. 19 जनवरी को टेस्टिंग के दौरान 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी गिर गई, जिसमें एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हुए. मलबे से घटिया निर्माण सामग्री के संकेत मिले हैं. ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.








