
आज अंतरिम लेकिन 5 दिन बाद परमानेंट हो सकती है केजरीवाल की जमानत... समझिए आज का SC का फैसला
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दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी बेंच को भेज दिया है.
दिल्ली शराब नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मामले में अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत देते हुए उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है. वहीं उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को बड़ी बेंच को भेजा गया हैं. फिलहाल अंतरिम जमानत मिलने के बावजूद भी केजरीवाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे लेकिन पांच दिन बाद (17 जुलाई) हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले उन्हें उन्हें राहत जरूर मिली है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अरविंद केजरीवाल 90 दिनों से ज़्यादा समय से जेल में बंद हैं, वे एक निर्वाचित नेता हैं और यह उन पर निर्भर करता है कि वे इस पद पर बने रहना चाहते हैं या नहीं. केजरीवाल के वकील विवेक जैन ने कहा कि अब मामला लार्जर बेंच को चला गया है. पीएमएलए वाले मामले में उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई है और ये जमानत से जुड़ा मामला फिलहाल खत्म हो गया है.
जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली अरविंद केजरीवाल की याचिका को अब लार्जर बेंच के पास भेज दिया है. फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ पूछताछ से गिरफ्तारी नहीं हो सकती है.
कोर्ट ने क्या कहा
-जस्टिस खन्ना ने कहा, "जीवन के अधिकार के संबंध में और चूंकि मामला बड़ी पीठ को भेजा गया है, इसलिए हम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश देते हैं."
-हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत के सवाल को बड़ी पीठ द्वारा संशोधित किया जा सकता है. अदालत ने आगे कहा, "अरविंद केजरीवाल 90 दिनों से अधिक समय तक कारावास में रहे हैं, वे निर्वाचित नेता हैं और यह उन पर निर्भर है कि वे इस पद पर बने रहना चाहते हैं या नहीं."

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