
असली नोट के बदले दोगुना नकली नोट देने वाले गिरफ्तार, होमगार्ड भी है गैंग का मेंबर
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गैंग के सदस्य असली नोटों के बदले लगभग दोगुने नकली नोट देने का लालच देते थे और कुछ सैंपल के तौर पर असली नोटों को नकली नोट बताकर देते थे क्योंकि वह नोट असली होते थे, इसलिए मार्केट में वह आसानी से चल जाते थे. इसके बाद पीड़ित उनकी जाल में फंस जाता था.
मेरठ पुलिस ने शुक्रवार को एक ऐसे गैंग का खुलासा किया, जो लोगों को कम पैसों में ज्यादा पैसे देने का लालच देकर उनसे ठगी कर लेता था. गैंग व्हाइट मनी के बदले ब्लैक मनी देने के नाम पर ठगी कर लेते थे. पुलिस ने खुलासा करते हुए यह भी बताया कि इसमें एक होमगार्ड भी जुड़ा हुआ था, जिसके सहारे यह पूरी ठगी का खेल किया जाता था.
मेरठ पुलिस ने इस गैंग के सदस्यों से बड़ी तादाद में ऐसी नोटों की गड्डियां बरामद की हैं, जिनके ऊपर और नीचे असली नोट लगे होते थे और बीच में कागज की कटिंग लगी होती थी. अगर इनको गड्डी के हिसाब से इनकी वैल्यू लगाई जाए तो इनकी कीमत लगभग 53 लाख रुपये के आसपास है.
क्या है पूरा मामला
मेरठ के थाना गंगानगर पुलिस को एक सूचना मिली थी कि एक गिरोह नकली नोट चला रहा है. इस सूचना पर पुलिस ने काम शुरू किया और इस गैंग के सदस्य को दबोच लिया. फिर पूछताछ की तो पुलिस के सामने आया कि यह लोग असली नोटों के बदले लगभग दोगुने नकली नोट देने का लालच देते थे. कुछ सैंपल के तौर पर असली नोटों को नकली नोट बताकर देते थे क्योंकि वह नोट असली होते थे, इसलिए मार्केट में वह आसानी से चल जाते थे.
इसके बाद बड़ी डील की बात रखी जाती थी और जब कोई इनको असली नोट देकर इनसे नकली नोट लेने जाता था तो इन लोगों ने ऐसी नोटों की गड्डी बना रखी थी, जिनके ऊपर और नीचे असली नोट होते हैं और बीच में कागज के टुकड़े लगे होते थे, लेकिन इसमें ट्विस्ट उस वक्त आता था, जब डील करते समय पुलिस भी वहां आ जाती थी.
इनके साथ एक होमगार्ड भी जुड़ा हुआ था और वर्दी में रहता था. जैसे ही वह वहां पर डील के समय रेड मारता था तो जो नकली नोट लेने आया होता था, वह अपने असली नोट भी छोड़ कर भाग जाता था. ऐसे ही यह कुछ लोगों को व्हाइट मनी के बदले दोगुनी ब्लैक मनी देने का प्रस्ताव रखते थे और डील के समय ऐसे ही छापेमारी कर उनको ठग लेते थे.

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