
अवैध हथियार तस्करी केस: NIA का बड़ा एक्शन, मुख्य आरोपी 'अंकल जी' गिरफ्तार
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उत्तर भारत में फैले गैर-कानूनी हथियार और गोला-बारूद तस्करी नेटवर्क पर NIA ने बड़ा प्रहार किया है. बिहार से शुरू हुए इस केस में एजेंसी ने मुख्य आरोपी कमलकांत वर्मा उर्फ अंकल जी को पटना से गिरफ्तार किया है. इस मामले में NIA की 11वीं गिरफ्तारी है.
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए ने गैर-कानूनी हथियार और गोला-बारूद की तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी कमलकांत वर्मा उर्फ अंकल जी को गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला बिहार से शुरू होकर उत्तर भारत के कई राज्यों तक फैला हुआ था. यह इस केस में अब तक की 11वीं गिरफ्तारी है.
NIA की जांच में सामने आया है कि कमलकांत वर्मा इस पूरे सिंडिकेट में अहम कड़ी था. वो हरियाणा सहित कई स्थानों के गन हाउस से गैर-कानूनी तरीके से गोला-बारूद की खरीद में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. इसके बाद इस गोला-बारूद की तस्करी उत्तर प्रदेश के रास्ते की जाती थी और फिर बिहार सहित देश के अन्य हिस्सों में सप्लाई की जाती थी.
जांच एजेंसी के मुताबिक, कमलकांत की गिरफ्तारी उन बड़े सर्च ऑपरेशनों के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जिनमें NIA ने उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा में 23 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. इन तलाशी अभियानों के दौरान चार अन्य आरोपियों रवि रंजन, शशि प्रकाश, विजय कालरा और कुश कालरा को गिरफ्तार किया गया था.
NIA के एक अधिकारी ने बताया कि 4 दिसंबर को की गई इन तलाशी अभियानों के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए थे. जांच एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क अवैध हथियारों की सप्लाई चेन के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में अपराध को बढ़ावा दे रहा था. कमलकांत की गिरफ्तारी इस केस की जांच में एक अहम मोड़ है.
जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है. NIA ने साफ किया है कि उत्तर भारत में गैर-कानूनी हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ने के लिए जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है.

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