
अमेरिका में 70 हजार मौतों के लिए जिम्मेदार 'चाइना गर्ल' क्या है? बाइडेन-जिनपिंग के बीच इसे लेकर हुई है बात
AajTak
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच फेंटानिल ड्रग को लेकर बातचीत हुई है. बाइडेन ने ऐलान किया है कि चीन फेंटानिल की सप्लाई को रोकने में मदद करेगा. अमेरिका में फेंटानिल ड्रग बड़ी समस्या बनता जा रहा है.
अमेरिका के दौरे पर आए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 'फेंटानिल ड्रग' को लेकर भी बातचीत की. चार घंटे चली मीटिंग में बाइडेन ने जिनपिंग को फेंटानिल के प्रोडक्शन पर अंकुश लगाने की बात भी कही.
बाइडेन ने जिनपिंग पर उन चीनी कंपनियों पर नकेल कसने के लिए दबाव डाला, जो फेंटानिल का प्रोडक्शन करने में मदद कर रहीं हैं. दरअसल, अमेरिका में चीन से फेंटानिल या उसे बनाने वाले केमिकल अवैध तरीके से आते हैं.
फेंटानिल असल में एक सिंथेटिक ओपिऑइड है. इस ड्रग के ओवरडोज की वजह से अमेरिका में पिछले साल 70 हजार से ज्यादा मौतें हो गई थीं.
2019 से पहले चीन, अमेरिका में आने वाले फेंटानिल ड्रग का प्राइमरी सोर्स था. ये आमतौर पर कोरियर के जरिए आता था. 2019 में ही अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ ट्रेड टॉक के बाद चीनी सरकार फेंटानिल से जुड़े ड्रग के प्रोडक्शन, बिक्री और एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगाने पर सहमत हुई थी. हालांकि, उसमें लाइसेंस के तहत प्रोडक्शन, बिक्री और एक्सपोर्ट पर रोक नहीं थी.
बाइडेन के लिए चीन के साथ ये समझौता राजनीतिक रूप से भी काफी अहम था, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में फेंटानिल एक बड़ा मुद्दा रहा है.
अमेरिका-चीन में डील क्या?

E30 Petrol: ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% से बढ़ाकर 30% तक करने की मांग की है. इसके अलावा डीजल में भी एथेनॉल ब्लेंडिंग की संभावनाओं को तलाशने की बात कही जा रही है. सरकार पहले की कह चुकी है कि, एथेनॉल ब्लेंडिंग के चलते भारत ने करोड़ो बैरल कम तेल आयात किया है.

वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना सभा का गठन कर 27 सदस्यों की टीम बनाई और ‘रोको, टोको, ठोको’ का नारा दिया. माघ मेले की घटना के बाद शुरू हुई पहल में 10 महीने में भर्ती व प्रशिक्षण का खाका तैयार होगा. उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य सनातन प्रतीकों की रक्षा और समाज में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.










