
'अमृत उद्यान करने से क्या बेरोजगारी खत्म हो जाएगी?' मुगल गार्डन का नाम बदलने पर सियासत तेज
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राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन का नाम बदले जाने के बाद अब राजनीति शुरू हो गई है. अब मुगल गार्डन को 'अमृत उद्यान' के नाम से जाना जाएगा. इस फैसले पर मिली जुलीं प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोग सरकार को निशाने पर ले रहे हैं तो कुछ लोग इस कदम का स्वागत कर रहे हैं.
भारत के राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित मुगल गार्डन को अब 'अमृत उद्यान' के नाम से जाना जाएगा. इस फैसले पर मिली जुलीं प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोग सरकार को निशाने पर ले रहे हैं तो कुछ लोग इस कदम का स्वागत कर रहे हैं.
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है. वारिस पठान ने पूछा क्या मुगल गार्डन और टीपू सुल्तान गार्डन का नाम बदलने से देश का विकास हो जाएगा, बेरोजगारी खत्म हो जाएगी? क्या पेट्रोल-डीजल के भाव में कमी आ जाएगी. भाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सिर्फ नामकरण की सियासत कर रही है. इसी तरह भाजपा ने मुंबई के मलाड में टीपू सुल्तान गार्डन का नाम बदल दिया. वारिस पठान ने टीपू सुल्तान को महान बताया और भाजपा पर निशाना साधा.
केंद्रीय मंत्री ने की सराहना
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्र सरकार के इस फैसले को सराहा है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, 'स्वागत एवं धन्यवाद राष्ट्रपति जी. श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने राष्ट्रपति भवन में प्रतिष्ठित उद्यानों का नाम बदलकर 'अमृत उद्यान' कर दिया. यह नया नाम अमृतकाल के लिए भारत की आकांक्षाओं को दर्शाता है.'
भाजपा नेता ने मोदी जी को कहा शुक्रिया
इस गार्डन के नाम बदलने को लेकर कुछ नेता इसका समर्थन भी कर रहे हैं. भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की है. उन्होंने तस्वीरें ट्वीट करते हुए लिखा, 'बदलते भारत की तस्वीर. राष्ट्रपति भवन में मुगल गार्डन अब अमृत उद्यान के नाम से जाना जाएगा. शुक्रिया मोदी जी.'

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