
अमृतपाल पर एक्शन कब? सवाल पूछने पर भड़के पंजाब के कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल
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साथी को छुड़ाने के लिए भीड़ के साथ जेल पर हमला करने वाले अमृतपाल पर बोलने से कैबिनेट मंत्री भी परहेज कर रहे हैं. पंजाब के कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल से जब अमृतपाल पर एक्शन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.
खालिस्तान समर्थक अमृतपल के खिलाफ कब एक्शन लिया जाएगा. यह सवाल पूछने पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल भड़क गए. उन्होंने अमृतपाल पर कुछ बोलना तक ठीक समझा. दरअसल, धालीवाल अमृतसर की तहसील अजनाला में एक एनजीओ के कैंसर कैंप का उद्घायन करने पहुंचे थे. इस दौरान ही उनसे अमृपाल से जुड़ा सवाल पूछ लिया गया. सवाल पूछते ही उन्होंने कैंसर के मुद्दे पर फोकस करने के लिए कहा. उन्होंने आगे कहा कि मीडिया को सकारात्मक बातें करना चाहिए. अपने परिवार को साथ लाकर कैंसर का टेस्ट करवाना चाहिए. पंजाब में इस मसय सबसे ज्यादा जरूरी कैंसर ही है.
बता दें कि अजनाला में अमृतपाल सिंह ने अपने साथी लवप्रीत सिंह तूफान को छुड़ाने के लिए जिला अमृतसर के अजनाला में अपने साथियों के साथ मिलकर हिंसक प्रदर्शन किया था. अमृतपाल के समर्थकों ने लवप्रीत सिंह तूफान को जेल से निकालने के लिए थाने पर बंदूक-तलवार से हमला कर दिया था. 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने इसके बाद धमकी भरे लहजे में कहा था कि अजनाला में हिंसा नहीं हुई थी अभी असली हिंसा दिखनी बाकी है. उसने पंजाब पुलिस से अजनाला मामले में कार्रवाई रोकने की बात कही थी.
शांति और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने पर उतारू खालिस्तान का समर्थन करने वाला संगठन 'वारिस पंजाब दे' के मुखिया अमृतपाल सिंह ने जहर उगलते हुए खून खराबे की धमकी दी है थी, जिसे देश की सुरक्षा के लिए एक खतरा माना गया था.
हालांकि इस मामले में सरकार भी एक्शन में आ गई. सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने पंजाब पुलिस से अजनाला में हुई घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. गृह मंत्रालय ने अजनाला पुलिस स्टेशन पर अमृतपाल सिंह और उसके समर्थको द्वारा हथियारों के साथ जाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के मामले के संबंध में स्टेट पुलिस और आईबी से पूरे घटनाक्रम और अब तक की कार्रवाई की तलब की थी.
जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद राज्य पुलिस ने अमृतपाल सिंह के साथ चलने वाले हथियारबंद व्यक्तियों के वेपन लाइसेंस की जांच करने का फैसला किया थआ. इस संबंध में बार्डर रेंज के सीनियर पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी. हमला करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है.
पुलिस ने हमला करने वालों की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया. प्राथमिक स्तर पर पुलिस को थाने पर हमले के 52 वीडियो मिले, जिसकी जांच चल रही है. जांच टीम इन सभी वीडियो की गहनता से जांच करेगी और सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी. इस जांच में कमेटी घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को आइडेंटिफाई करेगी. टीम की रिपोर्ट के बाद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा, बल्कि उनकी गिरफ्तारी के लिए भी ठोस योजना के तहत एक्शन लिया जाएगा.

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