
अमृतपाल का साथी गुरिंदर हिरासत में, विदेश भागने की फिराक में था
AajTak
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल का करीबी गुरिंदर डिटेन कर लिया गया है. पंजाब पुुलिस ने उसे एयरपोर्ट से पकड़ा है. वो लंदन भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर रखा था, ऐसे में भागना मुश्किल था.
पंजाब की राजनीति में इस समय अमृतपाल सिंह उबाल ला रहा है. उसके एक बवाल ने उसे चर्चा का केंद्र बना दिया है. वहीं आम आदमी पार्टी सरकार पर उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेने का दबाव है. इसी कड़ी में अब पंजाब पुलिस ने अमृतपाल के करीबी गुरिंदर सिंह को डिटेन किया है. वो देश छोड़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने धर दबोचा. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका था, ऐसे में देश छोड़ना उसके लिए वैसे भी मुश्किल था.
अमृतपाल को डबल झटका क्यों?
बताया जा रहा है कि पंजाब पुलिस ने गुरु रामदास एयरपोर्ट से गुरिंदर सिंह को डिटेन किया है. वो लंदन भागने की फिराक में था, लेकिन उसे डिटेन कर लिया गया. अब ये कार्रवाई तब हुई है जब कुछ दिन पहले ही आदेश दिया गया था कि अमृतपाल के 9 करीबियों के हथियारों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं. असल में पंजाब पुलिस ने जिला प्रशासन को एक चिट्ठी लिखी थी. उस चिट्ठी में जोर देकर कहा गया था कि अमृतपाल के 9 करीबियों के हथियारों के लाइसेंस रद्द किए जाएं. ये भी साफ कहा गया था कि पहले भी जो हथियार दिए गए थे, वो आत्मरक्षा के लिए दिए गए थे. अब उस आदेश के बाद अमृतपाल के लिए ये दूसरा बड़ा झटका है. उसका करीबी गुरिंदर डिटेन कर लिया गया है.
किस मामले की वजह से एक्शन?
इस मामले की बात करें तो खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों पर चमकौर साहिब निवासी वरिंदर सिंह को अगवा करने और मारपीट करने का आरोप लगा था. बरिंदर सिंह ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया था कि अमृतपाल सिंह के साथियों ने उसे अजनाला से अगवा कर लिया था और एक अज्ञात स्थान पर ले गए जहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई. शिकायत पर पुलिस ने अमृतपाल सिंह और समर्थकों पर केस दर्ज किया था. इस मामले में पुलिस ने अमृतपाल के करीबी लवप्रीत तूफान को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी.
उस कई घंटों की पूछताछ ने अमृतपाल के करीबियों को नाराज कर दिया था और फिर पुलिस थाने का घेराव किया गया था. बाद में कोर्ट ने जब लवप्रीत की बेल का आदेश दिया, तब जाकर जमीन पर स्थिति नॉर्मल हुई. लेकिन उस एक घटना के बाद से अमृतपाल सुर्खियों में आ गया है. उसके कई और दुश्मन बन गए हैं. उसके बहाने पंजाब में कानून व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










