
अफवाह या साजिश की आग... देखते ही देखते कैसे सुलगा नागपुर, हिंसा के गुनहगार आखिर कौन?
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नागपुर में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर शुरु हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया. बजरंग दल और वीएचपी के प्रदर्शन के दौरान एक अफवाह के बाद पूरे शहर में तांडव मचा. दो घंटे तक उपद्रवी बेखैफ होकर आगजनी और पत्थरबाजी करते दिखे.
एक अफवाह और जल गया पूरा शहर. बीती शाम महाराष्ट्र का नागपुर शहर दो घंटे तक जलता रहा. औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर शुरु हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया. बजरंग दल और वीएचपी के प्रदर्शन के दौरान एक अफवाह के बाद पूरे शहर में तांडव मचा. दो घंटे तक उपद्रवी बेखैफ होकर आगजनी और पत्थरबाजी करते दिखे. पुलिस और गाड़ियों को निशाना बनाया गया. पूरे मामले पर महाराष्ट्र सदन में जमकर हंगामा मचा.
नागपुर हिंसा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान आया है. फडणवीस ने नागपुर हिंसा का पूरा ब्यौरा विधानसभा में दिया. मुख्यमंत्री ने बताया कि हिंसा में 33 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें से 3 डीसीपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं. एक पुलिसकर्मी पर तो कुल्हाड़ी से भी हमला किया गया था. इस पूरी घटना के संबंध में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं. 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्य है. कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए SRPF की 5 टुकड़ियां तैनात की गई हैं.
एक अफवाह से भड़की हिंसा
दरअसल नागपुर में शाम को एक अफवाह ने तूल पकड़ लिया, जिसमें यह कहा गया था कि एक प्रतीकात्मक कब्र पर रखी गई चादर पर धार्मिक चिन्ह था. इसी अफवाह के कारण मामला गरमाया और हिंसा की घटनाएं हुईं.
क्या बोले सीएम फडणवीस
इस हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हिंसा में 12 दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और घटना स्थल पर 80 से 100 लोगों का जमावड़ा था. हिंसा की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक क्रेन और दो जेसीबी समेत चार पहिया वाहनों को जलाया गया. इसके अलावा कुछ लोगों पर तलवार से भी हमला किया गया.

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