
अफगानिस्तान के हालात पर केंद्र सरकार का बयान- वहां फंसे भारतीयों को निकालना पहली प्राथमिकता
AajTak
अफगानिस्तान के ताजा हालात पर केंद्र सावधानी से नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया है कि सरकार ने काबुल या दुशांबे से छह अलग-अलग उड़ानों के जरिए से 550 से अधिक लोगों को निकाला है.
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद हालात बहुत खराब हो गए हैं. भारत, अमेरिका समेत विभिन्न देश जल्द से जल्द अपने नागरिकों को वापस बुलाने में लगे हुए हैं. अफगानिस्तान के ताजा हालात पर केंद्र सावधानी से नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया है कि सरकार ने काबुल या दुशांबे से छह अलग-अलग उड़ानों के जरिए से 550 से अधिक लोगों को निकाला है. इसमें से 260 से ज्यादा भारतीय नागरिक थे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''भारत सरकार ने अन्य एजेंसियों के जरिए से भारतीय नागरिकों को निकालने में भी मदद की है. हम अमेरिका, ताजिकिस्तान जैसे विभिन्न देशों के संपर्क में बने हुए थे.'' उन्होंने कहा कि अब तक ज्यादातर भारतीयों को निकाला जा चुका है. Situation on the ground is uncertain (in Afghanistan). Primary concern is security & safety of people. Currently, there is no clarity about any entity forming a govt in Kabul. I think we are jumping the gun regarding recognition: MEA Spokesperson on recognition of Taliban govt pic.twitter.com/qvU0JowJ70
महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.











