
अग्निपथ स्कीम: 1 करोड़ का बीमा-कैंटीन सुविधा-30 दिन छुट्टी, वायुसेना ने जारी की भर्ती की डिटेल
AajTak
अग्निवीरों को सेवा काल के दौरान ट्रैवल एलाउंस मिलेगा. इसके अलावा उन्हें साल में 30 दिन की छुट्टी मिलेगी. उनके लिए मेडिकल लीव की व्यवस्था अलग है. अग्निवीरों को सीएसडी कैंटीन की भी सुविधा दिलेगी. इसके अलावा अगर दुर्भाग्यवश किसी अग्निवीर की सर्विस (चार साल) के दौरान अगर मृत्यु होती है तो उसके परिवार को इन्श्योरेंस कवर मिलेगा.
अग्निपथ स्कीम में अग्निवीरों की भर्ती के लिए वायुसेना ने डिटेल अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है. इस डिटेल के अनुसार चार साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों की वायुसेना की ओर से कई सुविधाएं दी जाएंगी जो स्थायी वायुसैनिकों को मिलने वाली सुविधाओं के अनुसार ही होगी. एयरफोर्स की वेबसाइट पर अपलोड की जानकारी के अनुसार अग्निवीरों को सैलरी के साथ हार्डशिप एलाउंस, यूनीफार्म एलाउंस, कैंटीन सुविधा और मेडिकल सुविधा भी मिलेगी. ये सुविधाएं एक रेगुलर सैनिक को मिलती हैं.
अग्निवीरों को सेवा काल के दौरान ट्रैवल एलाउंस भी मिलेगा. इसके अलावा उन्हें साल में 30 दिन की छुट्टी मिलेगी. उनके लिए मेडिकल लीव की व्यवस्था अलग है. अग्निवीरों को सीएसडी कैंटीन की भी सुविधा दिलेगी. अगर दुर्भाग्यवश किसी अग्निवीर की सर्विस (चार साल) के दौरान अगर मृत्यु होती है तो उसके परिवार को इन्श्योरेंस कवर मिलेगा. इसके तहत उसके परिवार को करीब 1 करोड़ रुपये मिलेंगे.
वायुसेना ने कहा है कि वायुसेना में इनकी भर्ती एयर फोर्स एक्ट 1950 के तहत 4 साल के लिए होगी. वायुसेना में अग्निवीरों का एक अलग रैंक होगा जो मौजूदा रैंक से अलग होगा. अग्निवीरों को अग्निपथ स्कीम की सभी शर्तों को मानना होगा. जिन अग्निवीरों की वायुसेना में नियुक्ति के समय उम्र 18 साल से कम होगी उन्हें अपने माता-पिता या अभिभावक से अपने नियुक्ति पत्र पर हस्ताक्षर करवाना होगा. चार साल की सेवा के बाद 25 फीसदी अग्निवीरों को रेगुलर कैडर में लिया जाएगा. इन 25 फीसदी अग्निवीरों की नियुक्ति सेवा काल में उनके सर्विस के परफॉर्मेंस के आधार पर की जाएगी.
वायुसेना के अनुसार अग्निवीर सम्मान और अवॉर्ड के हकदार होंगे. अग्निवीरों को वायुसेना की गाइडलाइंस के अनुसार ऑनर्स और अवॉर्स दिया जाएगा. वायुसेना में भर्ती होने के बाद अग्निवीरों को सेना की जरूरतों के अनुसार ट्रेनिंग दी जाएगी.

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक हैरान करने वाली हत्या का मामला सामने आया है जो मेरठ के नीला ड्रम कांड को याद दिलाता है. यहां एक 64 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी 32 वर्षीय प्रेमिका की हत्या की और शव को नीले बक्से में रखकर लकड़ियों से जला दिया. सबकुछ उसकी प्लानिंग के मुताबिक हुआ, लेकिन जब वो बक्से की राख और हड्डियों को ठिकाने लगा रहा था तो पकड़ा गया. देखें वीडियो.

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 13 हजार करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े एक अहम आरोपी तिलक प्रसाद शर्मा को सिक्किम से गिरफ्तार किया है. मामला 1,290 किलो कोकीन, मेफेड्रोन और 40 किलो थाई मारिजुआना की बरामदगी से जुड़ा है. जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क के तार कई देशों से जुड़े हैं और अब तक 17 आरोपी पकड़े जा चुके हैं.











