
अंतरिक्ष में भारत का पहला डेटा सेंटर, 2026 में ही होगी शुरुआत, बदल जाएगा टेक का खेल
AajTak
अमेरिकी अरबपति Elon Musk काफी समय से स्पेस में डेटा सेंटर को लेकर काम कर रहे हैं. AI Impact Summit में एक ऐसी भारतीय कंपनी आई जो भारत से स्पेस में डेटा सेंटर सेटअप करने की तैयारी में है. कंपनी ने कहा कि इस साल के आखिर तक स्पेस में डेटा सेंटर का प्रोटोटाइप भेजने की तैयारी है.
भारत अब अंतरिक्ष और AI के क्षेत्र में एक नया कदम उठाने जा रहा है. भारतीय स्पेस कंपनी Agnikul Cosmos और AI क्लाउड कंपनी NeevCloud मिलकर अंतरिक्ष में भारत का पहला AI डेटा सेंटर भेजने की तैयारी कर रही हैं.
यह डेटा सेंटर पृथ्वी के पास की कक्षा में लगाया जाएगा. कंपनियों ने कहा है कि इसका पहला टेस्ट 2026 के अंत तक हो सकता है. अगर यह टेस्ट सफल रहा तो आने वाले समय में यह तकनीक बड़े स्तर पर इस्तेमाल की जा सकती है.
aajtak.in से खास बातचीत में NeevCloud ने बताया कि तैयारी पूरी हो चुकी है और प्रोटोटाइप जल्द ही स्पेस में भेजा जाएगा. AI Impact Summit 2026 में इन दोनों कंपनियों ने एक मॉडल पेश किया था. यहां ये दिखाया गया कि कैसे कंपनी स्पेस में डेटा सेंटर लगाने की तैयारी कर रही है.
गौरतलब है कि अमेरिकी अरबपति एलॉन मस्क भी SpaceX के जरिए स्पेस में डेटा सेंटर सेटअप करने की तैयारी में हैं. हालांकि अभी तक पायलट और डेमो स्टेज तक ही हैं और इस साल के आखिर तक प्रोटोटाइप भेजे जाने की प्लानिंग है.
स्पेस में डेटा सेंटर के फायदे
अभी जो बड़े डेटा सेंटर होते हैं, वे जमीन पर बने होते हैं. यहां पर बड़े कंप्यूटर और सर्वर रखे जाते हैं. इन्हीं से इंटरनेट और AI से जुड़े काम होते हैं. लेकिन इन डेटा सेंटरों को चलाने में बहुत खर्च आता है. बिजली ज्यादा लगती है. इन्हें ठंडा रखने के लिए भी काफी सिस्टम चाहिए. जगह भी बहुत लेनी पड़ती है. इसी वजह से कंपनियां अब सोच रही हैं कि डेटा सेंटर को अंतरिक्ष में भेजा जाए.

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