
Winzo App पर ED का शिकंजा... मनी लॉन्ड्रिंग केस में कंपनी के 2 प्रमोटर्स गिरफ्तार, ₹505 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
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ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में WinZO के प्रमोटर पावन सिंह नंदा और सौम्या राठौर को गिरफ्तार किया. तलाशी में 505 करोड़ रुपये की अपराध आय फ्रीज हुई. जांच में KYC दुरुपयोग, धोखाधड़ी, एल्गोरिदम के गलत इस्तेमाल और विदेशी फंड डायवर्जन का खुलासा हुआ.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग एप WinZO के प्रमोटरों को गिरफ्तार कर लिया है. एंटी मनी लॉन्ड्रिंग जांच एजेंसी ने पावन सिंह नंदा और सौम्या राठौर से पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया. WinZO Games Pvt. Ltd. पर कई नियमों के उल्लंघन का आरोप है. ED के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने इस मामले में 18.11.2025 से 22.11.2025 तक दिल्ली और गुरुग्राम में चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था.
तलाशी के दौरान PMLA के तहत WinZO Games Pvt. Ltd. की करीब 505 करोड़ रुपये की अपराध आय (POC) को फ्रीज कर दिया गया है. ईडी ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की थी, जिसमें धोखाधड़ी, खाते ब्लॉक करने, पहचान की चोरी और PAN के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे.
जांच में सामने आया कि WinZO कंपनी भारत से ही ब्राजील, यूएसए और जर्मनी जैसे देशों में रियल मनी गेम्स (RMGs) का संचालन कर रही थी.
अपराध आय की बड़ी राशि जब्त...
तलाशी अभियान के दौरान, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 17 (1ए) के तहत विंज़ो गेम्स प्राइवेट लिमिटेड के पास मौजूद करीब 505 करोड़ रुपये की अपराध आय (Proceeds of Crime - POC) को फ्रीज कर दिया है. इस राशि में बैंक बैलेंस, बॉन्ड, एफडीआर और म्यूचुअल फंड शामिल हैं. ईडी ने WinZO Games Pvt. Ltd और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई FIR के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी.
धोखाधड़ी और KYC के दुरुपयोग का आरोप

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