
WhatsApp डीपी पर CEO/MD की फोटो, एक मैसेज... 3 कंपनियों से यूं ठग लिए 7 करोड़
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इस तरह के साइबर ठगों के रडार पर उन कंपनियों के मालिक हैं जिनकी नेटवर्थ अच्छी-खासी है. कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी)/सीईओ/मालिक आदि की तस्वीर का इस्तेमाल करके सबसे पहले ये फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाते हैं. इसके बाद ठगी को अंजाम देते हैं.
देश में साइबर ठगी मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कभी डिजिटिल अरेस्ट, तो कभी व्हाट्सएप कॉल, या वीडियो कॉल तो कभी मैसेज पर लिंक, साइबर क्रिमिनल ठगी के लिए लगातार नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं. अब इस कड़ी में एक और तरीका जुड़ा है जिसके तहत साइबर ठग अब निजी कंपनियों को टारगेट करते हुए ठगी कर रहे हैं.
ताजा मामला कंपनी के सीईओ, एमडी या मालिक बनकर व्हाट्सएप के जरिए ठगी करने का सामने आया है. इसके जरिए साइबर क्रिमिनल्स कंपनी की वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कंपनी के सीईओ, एमडी या मालिक की तस्वीर का इस्तेमाल करके फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाते हैं. इसके बाद व्हाट्सएप या अन्य मैसेजिंग ऐप के जरिए कंपनी के अकाउंटेंट/फाइनेंस हेड या फाइनेंस मैनेजर से संपर्क करते हैं और आपातकालीन स्थितियों का हवाला देते हुए फंड ट्रांसफर का अनुरोध करते हैं.
इस तरह के साइबर ठगों के रडार पर उन कंपनियों के मालिक हैं जिनकी नेटवर्थ अच्छी-खासी है. कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी)/सीईओ/मालिक आदि की तस्वीर का इस्तेमाल करके सबसे पहले ये फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाते हैं. इसके बाद इस अकाउंट का इस्तेमाल अकाउंटेंट/वित्तीय शाखाओं/ऑफिसों को संदेश भेजने के लिए करते हैं. साइबर अपराधी अकाउंटेंट/कर्मचारियों को महत्वपूर्ण बैठकों या परियोजनाओं की आड़ में तत्काल फंड ट्रांसफर करने का निर्देश देते हैं.
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ठगी का नया तरीका
आईएफएसओ (पुलिस) के डीसीपी हेमंत तिवारी ने कहा, "धोखाधड़ी का एक नया चलन हमारे संज्ञान में आया है, जिसमें धोखेबाज खुद को कंपनी का सीईओ/एमडी/मालिक बताकर व्हाट्सऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाता है और कंपनी के अकाउंटेंट से संपर्क करता है और उन्हें आपातकालीन/असाधारण स्थिति का हवाला देकर पैसे ट्रांसफर करने को कहता है. आईएफएसओ में पिछले 10 दिनों में कुल तीन मामले सामने आए हैं."

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