
WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक, Meta की एक गलती ने 3.5 अरब यूजर्स को खतरे में डाल दिया
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Meta की एक गलती ने दुनिया भर के 3.5 अरब यूजर्स को खतरे में डाल दिया. एक ऐसी गलती जिसके बारे में सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने कंपनी को 2017 में ही अगाह कर दिया था, लेकिन इसे कंपनी की लापरवाही कहें या चूक, वो खामी 8 सालों तक वैसी ही रही. आइए जानते हैं पूरा मामला.
रात के 11 बजे हैं और आपके फोन की स्क्रीन जलती है. WhatsApp पर एक अनजान नंबर से मैसेज आता है. 'Hi' या शायद कोई लुभावना जॉब ऑफर. आप सोचते हैं कि इस इंसान को आपका नंबर मिला कहां से? हम अक्सर इसे इग्नोर कर देते हैं, लेकिन नवंबर 2025 की एक बड़ी रिसर्च ने इस छोटे से सवाल का जवाब दिया है, और जवाब डराने वाला है.
सोचिए दुनिया भर में जितने WhatsApp यूजर्स हैं उन सब का फ़ोन नंबर पब्लिक हो जाए तो क्या होगा? कुछ ऐसा ही ये मामला है. WhatsApp की पूरी मेंबर डायरेक्टरी ऑनलाइन और अनप्रोटेक्टेड काफी समय तक थी और डार्क वेब पर इसे बेचा भी जा रहा था.
ऑस्ट्रियन रिसर्चर्स का दावा है कि वो 3.5 बिलियन यूजर्स के फोन नंबर्स और दूसरे प्रोफाइल डेटा वो डाउनलोड कर सकते थे. अगर नंबर्स के हिसाब से देखा जाए तो ये दुनिया का सबसे बड़ा डेटा लीक है.
डेटा ब्रीच से मेटा का पुराना रिश्ता...
कैंब्रिज अनालिटिका डेटा ब्रीच किसे याद नहीं है? इसलिए ये कहना सही रहेगा कि मेटा और डेटा ब्रीच का रिश्ता नया नहीं है, तब भी कंपनी ने पल्ला झाड़ा था ये कह कर कि थर्ड पार्टी की तरफ से डेटा लीक हुआ है.
हैरानी की बात यहां ये भी है कि 2017 में ही मेटा को इस खामी के बारे में बताया दिया गया था. रिसर्चर्स ने कहा है कि ये डेटा साइबर क्रिमिनल्स काफी समय से यूज़ भी कर रहे होंगे.

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