
Weather Update: दिल्ली समेत उत्तर भारत में ठंड बरपा रही कहर, जानें अपने शहर में सर्दी का हाल!
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Weather Forecast 31st December Today: पहाड़ों पर कई दिनों से हो रही बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है. नए साल से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सर्दी ने सितम ढहाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, आज भी ठंडक जारी रहने की संभावना है. दिल्ली में आज न्यूनतम पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, जबकि अधिकतम पारे के 20 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है.
Weather Forecast Today, City Wise Temperature and Cold Wave: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR Weather) समेत उत्तर भारत में ठंड कहर बरपाने लगी है. पहाड़ों पर कई दिनों से हो रही बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है. नए साल से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सर्दी ने सितम ढहाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, आज भी ठंडक जारी रहने की संभावना है. दिल्ली में आज न्यूनतम पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, जबकि अधिकतम पारे के 20 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी मिनिमम टेम्प्रेचर के 8 डिग्री और मैक्सिमम टेम्प्रेचर के 24 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है. शहर में कोहरा छाया रहेगा, जिससे लोगों को ज्यादा दूरी तक देखने में भी परेशानी हो सकती है. देहरादून में तापमान में गिरावट की संभावना जताई गई है. आज शहर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक रहने की उम्मीद है. हालांकि, आसमान साफ रहेगा.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






