
Vastu Tips: घर की दीवारों पर गलत रंग आदमी को बनाता है बदनसीब, रुक जाती है तरक्की
AajTak
वास्तु शास्त्र घर की ऊर्जा को संतुलित रखने में बहुत मददगार समझा जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दीवारों पर दिशानुसार सही रंगों का प्रयोग जरूरी है. गलत दिशा में गलत रंग या एंटी कलर का उपयोग जीवन में नकारात्मकता और परेशानियां ला सकता है.
घर के अंदर की ऊर्जा को संतुलित और बेहतर बनाए रखना वास्तु शास्त्र कहलाता है. यह आपको विपरीत समय में भी समस्याओं से जूझने और लड़ने का सामर्थ्य देता है. यदि आपका पूरा घर वास्तु दोष रहित है तो ऐसा नहीं कि आपके जीवन में समस्याएं नहीं आएंगी. इससे कुंडली और प्रारब्ध को नकारा नहीं जा सकता. लेकिन घर का सकारात्मक वास्तु आपको सही सोच, हौसला और ताकत देता है. हमारे घर में पांच तत्वों की ऊर्जा विद्यमान रहती है. इनका असंतुलन ही वास्तु दोष और संतुलन अच्छे वास्तु को दर्शाता है.
आपने देखा होगा कि आजकल लोग घर की दीवारों को अलग-अलग रंग से रंगवा लेते हैं, लेकिन सही दिशा में सही रंग का न होना आपके जीवन में परेशानियां ला सकता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी भी रूप में दिशाओं में एंटी कलर का प्रयोग नहीं करना चाहिए. आइए जानते हैं कि घर की किस दिशा में किस रंग का प्रयोग उचित माना जाता है.
जल तत्व उत्तर-उत्तर-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा जल तत्व की है. यहां नीला और काला रंग के साथ हरा और क्रीम रंग का होना अच्छा. लाल, गुलाबी, नारंगी और मिल्की व्हाइट रंग का प्रयोग किसी भी रूप में यहां न करें. पीले रंग की भी अधिकता परेशानी दे सकती है.
वायु तत्व पूर्व-उत्तर-पूर्व से लेकर पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा वायु तत्व की दिशा है. जहां हरा रंग का होना सबसे बेहतर है. इसके साथ, यहां काला, नीला, लाल, नारंगी और गुलाबी रंग भी प्रयोग किया जा सकता है. यहां पीला, मिल्की व्हाइट रंग का प्रयोग उचित नहीं है.
अग्नि तत्व दक्षिण-पूर्व से दक्षिण तक अग्नि तत्व की दिशा है. जहां आप लाल, नारंगी, गुलाबी रंग का प्रयोग कर सकते हैं. यहां पीले और हरे रंग के शेड भी प्रयोग किए जा सकते हैं. लेकिन काला, नीला और मिल्की व्हाइट रंग का प्रयोग नुकसान दे सकता है.
भूमि तत्व दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम से दक्षिण-पश्चिम दिशा भूमि तत्व की है. यहां सबसे अच्छा पीला रंग का होना है. लाल, नारंगी और गुलाबी रंग के साथ मिल्की व्हाइट रंग भी इस दिशा में प्रयोग किया जा सकता है. इसके विपरीत यहां हरा, काला और नीला रंग का होना परेशानी पैदा करने वाला है.

सेव द चिल्ड्रन की रिपोर्ट के अनुसार मिडिल ईस्ट और आसपास के युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में 52 करोड़ बच्चे अपनी पढ़ाई से वंचित हैं. ईरान, इजरायल, जॉर्डन, सऊदी अरब जैसे देशों में स्कूलों पर हमले और शरणार्थी संकट के कारण शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है. ऑनलाइन पढ़ाई की कोशिशें संसाधन और इंटरनेट की कमी के कारण विफल रही हैं.

चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च यानी आज से हो रही है. चैत्र नवरात्र का समय मां दुर्गा की भक्ति और साधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. नवरात्र के इन 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूरी विधि-विधान के साथ पूजा जाती है. आज तक के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि क्या है कलश स्थापना का मुहूर्त?

2026 में इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने छात्रों की शिक्षा और सुरक्षा को गंभीर संकट में डाल दिया है. इजरायल में स्कूल बंद कर ऑनलाइन क्लासेस शुरू की गई हैं, जबकि बच्चों को बंकरों में पढ़ाई करनी पड़ रही है. ईरान में मिसाइल हमलों ने कई स्कूलों को नुकसान पहुंचाया है और सैकड़ों मासूम बच्चों की जान गई है. यूनेस्को और अन्य संस्थाएं इस युद्ध को एक पीढ़ी के लिए शिक्षा संकट मान रही हैं

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र का पावन पर्व आज से शुरू होने जा रहा है, जो भक्तों के लिए सुख-समृद्धि के द्वार खोलने वाला है. सनातन धर्म में इन नौ दिनों का विशेष महत्व है, जहां मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर जीवन की नकारात्मकता को दूर किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि आज कितने बजे से कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त शुरू होगा.

देश में IAS अधिकारियों की कुल 1,300 पदों पर भारी कमी है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं. संसदीय समिति ने 25% रिक्त पदों को तुरंत भरने, डेटा आधारित भर्ती प्रक्रिया अपनाने और अफसरों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए वेलफेयर प्लान लागू करने की सिफारिश की है. उत्तर प्रदेश, केरल जैसे राज्यों में कमी सबसे ज्यादा है.








