
Vastu Tips: गलत दिशा में फ्लैट का मेन डोर भी हो सकता है शुभ! जान लें वास्तु के ये नियम
AajTak
Vastu Tips:वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में ऊर्जा का आग्मन सबसे ज़्यादा खिड़कियों और बालकनी से होता है. अगर घर की ज्यादातर खिड़कियां पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में खुलती हों, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. ऐसी स्थिति में मुख्य दरवाजा किसी और दिशा में होने पर भी घर का ऊर्जा संतुलन ठीक माना जाता है.
South Facing Flat Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर की दिशा का बहुत महत्व बताया गया है. घर की ऊर्जा हमारे जीवन की दिशा तय करती है. वास्तु के मुताबिक फ्लैट की दिशा, दरवाजों की स्थिति और खुली जगहों का सीधा संबंध सुख-शांति, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा हुआ माना गया है. खासकर शहरी जीवन में, जहां ज्यादातर लोग फ्लैट्स में रहते हैं, वहां यह सवाल आम है कि दक्षिण दिशा में खुलने वाला मुख्य द्वार शुभ होता है या नहीं.
दक्षिण दिशा में स्थित मुख्य द्वार का प्रभाव
वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है. आम धारणा है कि दक्षिण दिशा में खुलने वाला मुख्य दरवाजा हमेशा अशुभ होता है, जबकि वास्तु के अनुसार ऐसा हर स्थिति में नहीं होता. अगर फ्लैट का मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा में है, लेकिन वह सीधे खुले मैदान या खाली स्थान की ओर न खुलकर किसी गैलरी या कॉरिडोर में खुलता है, और दरवाजे के सामने एक दीवार मौजूद है जो सीधे प्रभाव को रोकती है, तो ऐसे फ्लैट पर दक्षिण दिशा से जुड़े नकारात्मक प्रभाव काम नहीं करते. इस तरह की संरचना में दक्षिण दिशा की निगेटिव ऊर्जा घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाती और फ्लैट वास्तु दोष से सुरक्षित माना जाता है.
दक्षिण दिशा के मुख्य द्वार पर मोटा लकड़ी का दरवाजा शुभ माना जाता है. दरवाजे के पास लाल या भूरे रंग का इस्तेमाल करना सकारात्मक माना गया है. मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा और अच्छी रोशनी वाला होना चाहिए.
खिड़कियों और बालकनी की दिशा क्यों है ज्यादा महत्वपूर्ण
वास्तु शास्त्र में खिड़कियों और बालकनी को ऊर्जा का मुख्य प्रवेश द्वार माना गया है. कई बार इनकी दिशा मुख्य द्वार से भी अधिक प्रभावशाली होती है. जिस फ्लैट की अधिकांश खिड़कियां पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में खुलती हैं, वहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है. ऐसे घरों को वास्तु के लिहाज से अत्यंत शुभ माना जाता है, भले ही उनका मुख्य दरवाजा इन दिशाओं में न हो. यही सिद्धांत बालकनी पर भी लागू होता है.

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बंदरों से परेशान किसानों ने अपनी फसल बचाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है. गांव के कुछ किसान भालू का वेश पहनकर खेतों में घूम रहे हैं, ताकि बंदर डरकर फसलों से दूर भाग जाएं. इस जुगाड़ का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग हैरानी और मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

उत्तर कोरिया की सख्त और रहस्यमयी राजनीति में इन दिनों एक नया चेहरा बार-बार नजर आ रहा है.किम जोंग उन की बेटी किम जू-ए. मिसाइल परीक्षण हो, सैन्य परेड हो या हथियार फैक्ट्री का दौरा, वह कई अहम मौकों पर अपने पिता के साथ दिखाई दे रही हैं. उनकी लगातार मौजूदगी ने दुनिया भर में यह चर्चा छेड़ दी है कि क्या किम जोंग उन अपनी बेटी को देश का अगला नेता बनाने की तैयारी कर रहे हैं.

मौत के बाद क्या होता है, यह सवाल सदियों से इंसानों को उलझाता रहा है. धर्म, दर्शन और विज्ञान-सबने अपने-अपने तरीके से इसका जवाब खोजने की कोशिश की है, लेकिन आज भी यह रहस्य पूरी तरह नहीं सुलझ पाया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्केच वायरल हो रहा है, जिसे एक शख्स ने मौत के करीब पहुंचने के अनुभव के बाद बनाया. इस चित्र में उसने ब्रह्मांड और चेतना के संबंध को एक नक्शे की तरह दिखाने की कोशिश की है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है.

Aaj 16 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 16 मार्च 2026, दिन- सोमवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, द्वादशी तिथि सुबह 09.40 बजे तक फिर त्रयोदशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, चंद्रमा- मकर में शाम 18.14 बजे तक फिर कुंभ में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.06 बजे से दोपहर 12.54 बजे तक, राहुकाल- सुबह 8 बजे से सुबह 09.30 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.









