
Vastu Tips: अमीरों का सीक्रेट! करोड़पति लोग घर की इस दिशा में कभी नहीं रखते सोना-चांदी
AajTak
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार सोना-चांदी को घर में सही दिशा में रखना बहुत महत्वपूर्ण है. गलत दिशा में रखने से धनधान्य और संपत्ति पर बुरा होता है. जबकि उचित स्थान पर सुरक्षित रखा गया सोना-चांदी समृद्धि, स्थिरता और धन में वृद्धि करता है.
Vastu Tips: सोना-चांदी न केवल इंसान के तन की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में उसकी प्रतिष्ठा या ओहदा भी तय करते हैं. इसलिए सदियों से लोग ऐसी मूल्यवान चीजों को घर में रखना अच्छा समझते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यदि सोना-चांदी घर की सही दिशा में संभालकर न रखा जाए तो यह आर्थिक परेशानियों का कारण भी बन सकता है. वास्तु शास्त्र के जानकार कहते हैं कि सोना-चांदी गलत दिशा में रखने से धन की आवक पर बुरा असर पड़ता है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
दक्षिण दिशावास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को यम की दिशा बताया गया है. वास्तु के जानकार कहते हैं कि इस दिशा में सोना-चांदी या मूल्यवान चीजों को कभी नहीं रखना चाहिए. इससे घर में नकारात्मकता बढ़ती है. ऐसे जेवरात धन लाभ से ज्यादा धन हानि देने लगते हैं. इस दिशा में रखी गई धन-संपत्ति स्थिर नहीं होती है और किसी न किसी कारणवश घर से चली ही जाती है.
आग्नेय कोण इसके अलावा, घर की दक्षिण पूर्व दिशा यानी आग्नेण कोण में भी सोने-चांदे के जेवर, मूल्यवान वस्तुएं और रुपया-पैसा नहीं रखना चाहिए. वास्तु शास्त्र में इसे अग्नि तत्व से संबंधित दिशा माना गया है. कहते हैं कि इस स्थान पर सोना-चांदी या पैसा रखने से संचित धन भी घटने लगता है. इंसान के खर्च उसकी आय से अधिक होने लगते हैं. इसलिए घर की इस दिशा में पैसों की तिजोरी, गुल्लक या दुकान का गल्ला बिल्कुल न रखें.
घर में कहां रखें गहने और पैसे? वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा सोना-चांदी, जेवर या पैसा रखने के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है. इस दिशा में मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की दृष्टि हमेशा बनी रहती है. इसलिए इस दिशा में गहने और पैसे रखना शुभ माना जाता है. जो लोग इस दिशा में धनधान्य से जुड़े काम करते हैं, उनके घर में कभी पैसों का संकट नहीं आता है. ये लोग आर्थिक मोर्चे पर हमेशा मजबूत बने रहते हैं.
यह भी ध्यान रखें कि सोने-चांदी के जेवर या किसी भी मूल्यवान वस्तु को सालोंसाल यूं ही तिजोरी में पड़े नहीं रहने देना चाहिए. इन्हें अक्षय तृतीया, धनतेरस या दिवाली जैसे शुभ अवसरों पर तिजोरी से निकालकर भगवान के सामने रखना चाहिए और उन्हें हाथ जोड़कर इस सुख-संपन्नता के लिए धन्यवाद देना चाहिए.

सेव द चिल्ड्रन की रिपोर्ट के अनुसार मिडिल ईस्ट और आसपास के युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में 52 करोड़ बच्चे अपनी पढ़ाई से वंचित हैं. ईरान, इजरायल, जॉर्डन, सऊदी अरब जैसे देशों में स्कूलों पर हमले और शरणार्थी संकट के कारण शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है. ऑनलाइन पढ़ाई की कोशिशें संसाधन और इंटरनेट की कमी के कारण विफल रही हैं.

चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च यानी आज से हो रही है. चैत्र नवरात्र का समय मां दुर्गा की भक्ति और साधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. नवरात्र के इन 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूरी विधि-विधान के साथ पूजा जाती है. आज तक के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि क्या है कलश स्थापना का मुहूर्त?

2026 में इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने छात्रों की शिक्षा और सुरक्षा को गंभीर संकट में डाल दिया है. इजरायल में स्कूल बंद कर ऑनलाइन क्लासेस शुरू की गई हैं, जबकि बच्चों को बंकरों में पढ़ाई करनी पड़ रही है. ईरान में मिसाइल हमलों ने कई स्कूलों को नुकसान पहुंचाया है और सैकड़ों मासूम बच्चों की जान गई है. यूनेस्को और अन्य संस्थाएं इस युद्ध को एक पीढ़ी के लिए शिक्षा संकट मान रही हैं

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र का पावन पर्व आज से शुरू होने जा रहा है, जो भक्तों के लिए सुख-समृद्धि के द्वार खोलने वाला है. सनातन धर्म में इन नौ दिनों का विशेष महत्व है, जहां मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर जीवन की नकारात्मकता को दूर किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि आज कितने बजे से कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त शुरू होगा.

देश में IAS अधिकारियों की कुल 1,300 पदों पर भारी कमी है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं. संसदीय समिति ने 25% रिक्त पदों को तुरंत भरने, डेटा आधारित भर्ती प्रक्रिया अपनाने और अफसरों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए वेलफेयर प्लान लागू करने की सिफारिश की है. उत्तर प्रदेश, केरल जैसे राज्यों में कमी सबसे ज्यादा है.








