
Vande Bharat Train: गलती से नॉन-वेज खाना परोसने पर बुजुर्ग ने वेटर को मारा थप्पड़, वीडियो हुआ वायरल
AajTak
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में एक बुजुर्ग व्यक्ति ने IRCTC के पैंट्री कर्मचारी को गलती से मांसाहारी भोजन परोसने पर थप्पड़ मार दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
हावड़ा से रांची जाने वाली वंदे भारत ट्रेन में 26 जुलाई को एक बुजुर्ग को शाकाहारी भोजन की जगह नॉन-वेज फूड परोसने का मामला सामने आया है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वंदे भारत में सफर कर रहे एक बुजुर्ग यात्री को गलती से मांसाहारी खाना परोस दिया गया और उन्होंने बिना दिशा-निर्देश पढ़े वह भोजन खा लिया, लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि यह खाना नॉन-वेज है. इस बात को लेकर बुजर्ग व्यक्ति को गुस्सा आ गया और उन्होंने ट्रेन के वेटर को थप्पड़ जड़ दिया. वंदे भारत में गलती से परोसा गया नॉन-वेज खाना ट्रेन में हुई इस घटना का वहां मौजूद किसी शख्स ने वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसे अपलोड कर दिया, जिसके बाद से ही यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग वंदे भारत एक्सप्रेस में हुई इस लापरवाही पर जमकर बहस कर रहे हैं.
वीडियो में आप देख सकते हैं कि इस बात को लेकर ट्रेन में बहुत शोर हो रहा है और कैटरिंग स्टाफ बुजुर्ग व्यक्ति से माफी मांगने पर जोर दे रहा है. वहीं यात्रियों का कहना है कि नॉन-वेज परोसने की गलती पर उन्हें वेटर को थप्पड़ नहीं मारना चाहिए था बल्कि शांति से बात करनी चाहिए थी. जबकि बुजुर्ग व्यक्ति अपनी बात पर डटे रहते हैं. हालांकि, अंत में वह यात्रियों के दबाव में वेटर से माफी मांगते भी दिखाई देते हैं. रेलवे की तरफ से आया बयान इस पूरे मामले पर पूर्वी रेलवे के CPRO ने एक बयान जारी कर कहा है कि बुजुर्ग व्यक्ति को गलती से मांसाहारी भोजन परोसा गया था, लेकिन उन्होंने खाया नहीं. वहीं उस यात्री द्वारा थप्पड़ मारे जाने पर सहयात्री नाखुश हो गए और बाद में मामला शांत हो गया.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









