
Vaccine को लेकर अपनों की बेरुखी से परेशान China, लोगों को लुभाने के लिए हर रोज पेश कर रहा नए-नए Offer
Zee News
चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने की वजह से लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इस वजह से वह वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते. हालांकि, चीनी वैक्सीन को लेकर जिस तरह का खौफ दुनियाभर में है, उसे देखते हुए यह बात हजम करना थोड़ा मुश्किल है.
बीजिंग: चीन (China) की कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) पर उसके अपने ही विश्वास नहीं कर रहे हैं. यही वजह है कि वैक्सीनेशन रेट बढ़ाने के लिए वो तरह-तरह के तरीके आजमाने पर मजबूर है. चीनी वैक्सीन शुरुआत से ही सवालों के घेरे में है. कई देशों ने उसकी वैक्सीन के इस्तेमाल से इनकार कर दिया है. बीजिंग को उम्मीद थी कि वैक्सीनेशन डिप्लोमेसी (Vaccine Diplomacy) के जरिए वो दुनिया पर अपना प्रभाव कायम कर पाएगा, लेकिन राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) का यह सपना पूरी तरह बिखर गया है. हालात ये हो चले हैं कि चीन के अपने नागरिक ही उसकी वैक्सीन लगवाने को तैयार नहीं हैं. टीका लगवाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए चीन ने अब नई-नई तरकीबें खोजनी शुरू कर दी हैं. यहां अब वैक्सीन लगवाने वालों को मुफ्त अंडे और शॉपिंग कूपन या फिर किराने के सामान में छूट जैसे लुभावने ऑफर दिए जा रहे हैं. सरकार की कोशिश है कि वैक्सीनेशन की रफ्तार को बढ़ाया जाए. उसका लक्ष्य जून तक देश की 56 करोड़ आबादी को टीका देने का है. इसलिए लोगों को आकर्षित करने के लिए हर रोज नए-नए ऑफर दिए जा रहे हैं.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



