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अमेरिका AMRAAM मिसाइलों का तैयार कर रहा जखीरा! हर साल करीब 1900 AIM-120 बनाने का दिया कॉन्ट्रैक्ट, ड्रैगन के उड़े होश
Zee News
AIM-120 AMRAAM Missile: इस मिसाइल का इस्तेमाल वायुसेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स के लिए किया जाता है. हालांकि AIM-120 की जगह लेने वाली नई AIM-260 मिसाइल पर 2017 से काम चल रहा है. लेकिन इसमें लगातार देरी हुई है. बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की लागत भी काफी अधिक मानी जा रही है. ऐसे में आने वाले कई सालों तक AIM-120D ही अमेरिकी लड़ाकू विमानों की मुख्य हवा-से-हवा मिसाइल बना रहेगा.
AIM-120 AMRAAM Missile: अमेरिका ने हवा से हवा मिसाइल AIM-120 AMRAAM के उत्पादन बढ़ाने जा रही है. मिसाइल बनाने वाली कंपनी Raytheon ने बताया है कि उसे पेंटागन के साथ मल्टीईयर डील मिली है. इसके तहत AIM-120 का सालाना उत्पादन बढ़ाकर कम से कम 1900 मिसाइल किया जाएगा. यह 2024 में बने करीब 1200 मिसाइलों की तुलना में लगभग 58 प्रतिशत ज्यादा है.

Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



