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फ्रांस-जर्मनी-स्पेन का ड्रीम प्रोजेक्ट FCAS टूटने के कगार पर पहुंचा, अंदरूनी लड़ाई बनी सबसे बड़ी वजह
Zee News
Europe FCAS project crisis: FCAS सिर्फ एक फाइटर जेट नहीं, बल्कि पूरा सैन्य पैकेज है. इसमें एक नई पीढ़ी का पायलट वाले लड़ाकू विमान, कई मानव रहित ड्रोन और एक डिजिटल नेटवर्क शामिल है. इसे ‘कॉम्बैट क्लाउड’ कहा जाता है. यह नेटवर्क सभी विमानों और हथियारों को रियल टाइम में जोड़ने का काम करता है. ताकि वे मिलकर तेज और सटीक कार्रवाई कर सकें. इस सिस्टम को यूरोप की भविष्य की सुरक्षा का आधार माना जा रहा था.
FCAS Project: फ्रांस, जर्मनी और स्पेन ने साल 2017 में मिलकर एक डिफेंस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी. टार्गेट था दुनिया का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान और उससे जुड़ा पूरा युद्ध सिस्टम तैयार करना. प्रोजेक्ट को नाम दिया गया FCAS यानी फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम. करीब एक दशक बाद यह प्रोजेक्ट अब गंभीर संकट में नजर आ रहा है.

Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



