
Uttar Pradesh: राजभर को पंचायती राज, दारा सिंह चौहान को कारागार... योगी सरकार ने तय किए नए मंत्रियों के विभाग
AajTak
आदित्यनाथ की सरकार में बहु-प्रतिक्षित मंत्रिमंडल विस्तार 5 मार्च को हो गया था. नई कैबिनेट में शामिल हुए नेताओं को अब पोर्टफोलियो भी दे दिया गया है. ओमप्रकाश राजभर को पंचायती राज और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मिला है. वहीं, दारा सिंह चौहान को कारागार, सुनील शर्मा को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, अनिल कुमार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग दिया गया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में बहु-प्रतिक्षित मंत्रिमंडल विस्तार 5 मार्च को हो गया था. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब योगी सरकार में दो उप मुख्यमंत्री, 22 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 20 राज्यमंत्री सहित कुल 56 मंत्री हैं. नए मंत्रियों को अब विभाग का आवंटन भी कर दिया गया है.
बताते चलें कि बीते मंगलवार को राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, भाजपा के विधान परिषद सदस्य और पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान, राष्ट्रीय लोकदल के विधायक अनिल कुमार और साहिबाबाद से सर्वाधिक मतों से जीतने वाले विधायक सुनील शर्मा कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई थी.
यह भी पढ़ें- 'अयोध्या हो सकती है यूपी की राजधानी...', ओम बिरला की मौजूदगी में बोले गोविंद देव गिरी
जातीय संतुलन बनाने की कोशिश
सुभासपा और रालोद के विधायकों के शपथ लेने के साथ ही सरकार में सभी सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी दी गई है. बताते चलें कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय संतुलन बैठाने की कोशिश की है. दो पिछड़े और एक दलित समाज के साथ अपरकास्ट से एक ब्राह्मण को मंत्री बनाया गया है.
जानिए किसे मिला कौन सा विभाग

मथुरा में गोरक्षक बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है. आरोप है कि गोत्सकरों ने फरसा बाबा को गाड़ी से कुचल दिया जिसके बाद उनकी मौत हो गई. अब सीएम योगी ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए अफसरों को कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है साथ ही कहाकि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

पाकिस्तान और चीन खुद को 'आयरन ब्रदर्स' कहते हैं, यानी ऐसी दोस्ती जो लोहे जैसी मजबूत है. लेकिन लोहे की एक फितरत होती है-अगर उसे खुले में और तूफानों में अनदेखा छोड़ दिया जाए, तो उसमें ज़ंग लग जाती है. आज पाकिस्तान ने अपनी इसी 'फौलादी दोस्ती' को अफगानिस्तान के साथ जंग और बलूच आतंकवाद की आंधी में झोंक दिया है.











