
US Report में खुलासा: Space War की तैयारी में जुटा China, तेजी से विकसित कर रहा Anti-Satellite Weapons
Zee News
कोरोना महामारी के बीच भी चीन (China) अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. वो लगातार खुद को ताकतवर बनाने में लगा है. एक अमेरिकी रिपोर्ट (US Report) में कहा गया है कि बीजिंग तेजी से अंतरिक्ष में मार करने वाले हथियार विकसित कर रहा है. उसकी कोशिश अमेरिका से आगे निकलने की है.
वॉशिंगटन: चीन (China) को लेकर सामने आई एक अमेरिकी रिपोर्ट (US Report) ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन तेजी से अंतरिक्ष में मार करने वाले हथियार (Anti-Satellite Weapons) विकसित कर रहा है. यदि वह इसमें सफल हो जाता है, उसकी दादागिरी और भी ज्यादा बढ़ जाएगी. वहीं, अमेरिकी खुफिया विभाग का कहना है कि चीन उन हथियारों पर जोर दे रहा है, जो उसके और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में असमानता को कम कर सकते हैं. रूसी वेबसाइट वेस्तनिक ने ब्लूमबर्ग के हवाले से बताया है कि चीन (China) उन हथियारों में काफी निवेश कर रहा है जो उपग्रहों को जाम और नष्ट करने की क्षमता रखते हैं. इस तरह के हथियार अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए तत्काल खतरा उत्पन्न कर सकते हैं. इसमें यह भी बताया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान यूएस स्पेस फोर्स (US Space Force) के गठन के बाद चीन ने अंतरिक्ष में मार करने वाले हथियारों के अपने अभियान को तेज कर दिया है.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



