
UP Election: 'यादव बेल्ट' में उतरे अखिलेश, पिछले चुनाव में शिवपाल से दूरी पड़ी थी भारी
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2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले शिवपाल यादव के साथ सुलह-समझौता करने का बाद अखिलेश यादव अब अपने यादव बेल्ट यानि मैनपुरी, इटावा और एटा इलाके को साधने के लिए उतरेंगे, जहां 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी भगवा झंडा फहराने में कामयाब रही थी.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के हाथ मिलाने का फॉर्मूला यूपी के पंचायत चुनाव में 'यादव बेल्ट' वाले इलाके में हिट रहा है. यही वजह है कि 2022 विधानसभा चुनाव से पहले शिवपाल यादव के साथ सुलह-समझौता करने का बाद अखिलेश यादव अब अपने यादव बेल्ट यानि मैनपुरी, इटावा और एटा इलाके को साधने के लिए उतर रहे हैं, जहां 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी भगवा झंडा फहराने में कामयाब रही थी.

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

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