
UP: स्कूल से बचने के लिए 10 साल के छात्र ने बनाई अपहरण की झूठी कहानी, पुलिस ने यूं निकलवाई सच्चाई
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छात्र ने घर आकर बताया उसे एक बाबा किडनैप करके ले गया था. पुलिस ने शक होने पर अच्छे से उससे पूछा, तो किडनैपिंग की कहानी झूठी निकली. छात्र ने बताया स्कूल में गणित की टीचर मारती है. मैं स्कूल नहीं जाना चाहता था. इसलिए घर से निकला, लेकिन स्कूल नहीं पहुंचा. दिन भर बाहर ही घूमता रहा.
सातवीं कक्षा का छात्र अपने घर से स्कूल जान के लिए निकला था. मगर, वो स्कूल नहीं पहुचा, तो स्कूल प्रबंधन ने इसकी जानकारी परिवार को दी. बेटे के गायब होने के बाद परिवार ने उसे ढूंढना शुरू किया. साथ ही पुलिस को भी मामले के बारे में बताया.
शाम होते ही छात्र घर पहुंचा और अपनी किडनैपिंग की बात बताई. जब बच्चे को विश्वास में लेकर पुलिस ने पूछा, तो किडनैपिंग की कहानी झूठी निकली. कानपुर के घाटमपुर इलाके के राहमपुर की है. सरमन का दस वर्षीय बेटा सातवीं क्लास में पढ़ता है.
सोमवार को मां रीता ने बेटे को स्कूल जाने के लिए तैयार किया, लेकिन बेटे ने स्कूल नहीं जाने की बात कही. फिर भी रीता ने उसे स्कूल के लिए भेजा. बाद में स्कूल से फोन आया कि आपका बेटा यहां नहीं पहुंचा है.
यह खबर सुनते ही परिवार में टेंशन बढ़ गई. गायब बेटे की इलाके में तलास शुरू की गई. मगर, परिवार वालों को बेटे का कोई सुराग नहीं मिला. घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. पुलिस भी गायब छात्र को ढूंढने में जुट गई. शाम को गायब छात्र बुरी तरह से हांफता हुआ अपने घर पहुंचा.
कहानी बनाई कि बाबा उठा ले गया था फिर छात्र ने अपने माता-पिता और पुलिस को बताया, ''जब मैं स्कूल जा रहा था, तो ऑटो रेलवे क्रॉसिंग के पास एक बाबा ने मुझे रोककर गांव जाने का रास्ता पूछा. उसने मेरे मुंह पर रुमाल रखकर बेहोश कर दिया. जब मुझे होश आया तो मैं एक ईंट भट्टे पर जमीन पर पड़ा हुआ था. बाबा ने मेरे हाथ-पैर बांध दिए थे. मैं किसी तरह अपनी रस्सी खोलकर यहां आया हूं.''

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