
UP में टीचर्स को कहा जाएगा 'गुरुजी-बहनजी', अभिवादन में सिर्फ जय हिंद और नमस्ते
AajTak
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि स्कूल और कार्यालयों में शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी भारतीय परिधान ही पहनें. स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म जरूरी है ही, अब शिक्षक भी जींस और टी-शर्ट पहनकर स्कूल नहीं आ सकेंगे.
उत्तर प्रदेश में शिक्षक-शिक्षिकाओं को अब 'सर' और 'मैडम' नहीं, 'गुरुजी' और 'दीदी' या 'बहनजी' कहा जाएगा. छात्रा अब छात्र को भैया कहेंगी, जबकि छात्र अब छात्राओं को दीदी ही कहेंगे. यह आदेश यूपी के संभल में जिला अधिकारी द्वारा जारी किया गया है. आदेश में आगे कहा गया है कि अभिवादन के लिए 'जय हिंद' और 'नमस्ते' का इस्तेमाल करना होगा. इसके साथ ही अब शिक्षकों को जींस और टी-शर्ट पहनकर जिले के परिषदीय स्कूलों में आने पर रोक लगा दी गई है.
संभल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा ने इस आशय का आदेश जारी किया है. छात्र-छात्राओं से लेकर शिक्षक-शिक्षिकाओं और अधिकारियों के आचरण के लिए कई निर्देश जारी किए हैं. बीएसए का मानना है कि इस बदलाव से भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और एक-दूसरे का सम्मान बढ़ेगा. आदेश में यह भी कहा गया है कि जूते कक्षा से बाहर उतारे जाएंगे.
यह भी पढ़ें: रामपुर में Online Attendance का जबरदस्त विरोध, 375 सरकारी टीचरों ने संकुल पद से दिया इस्तीफा
स्कूल में नहीं चलेगी जींस, टी-शर्च निर्देश में कहा गया है कि स्कूल और कार्यालयों में शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी भारतीय परिधान ही पहनें. स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म जरूरी है ही, अब शिक्षक भी जींस और टी-शर्ट पहनकर स्कूल नहीं आ सकेंगे. साथ ही यह भी कहा गया है कि डीएम के निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों की शर्ट का ऊपर का बटन खुला रखता है, यह अस्वीकार्य है.
प्रिंसिपल की कुर्सी पर नहीं बैठेगा कोई अधिकारी
बीएसए का निर्देश है कि निरीक्षण के दौरान अगर कोई अधिकारी प्रधानध्यापक की कुर्सी पर नहीं बैठेगा. सभी स्कूल तंबाकू और प्लास्टिक मुक्त रखे जाएं. जारी निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो जुर्माना लगाया जाएगा और दोबारा ऐसा करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










