
UP: जन सेवा केंद्र संचालक ने बनाया छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो, गुस्साए लोगों ने किया थाने का घेराव
AajTak
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में जनसेवा केंद्र के संचालक ने एक छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया. इसके बाद संचालक ने जब वीडियो को वायरल कर दिया तो हड़कंप मच गया. मामले की शिकायत मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया. पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है.
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के शमशाबाद थाना क्षेत्र में एक छात्रा को डरा धमकाकर जन सेवा केंद्र संचालक ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद छात्रा के परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस से की. पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.
शमशाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली लड़की के पिता ने पुलिस से की गई शिकायत में कहा है कि बीते दिनों बेटी एक जनसेवा केंद्र पर किसी काम से गई थी. वहां आमिर नाम के जन सेवा केंद्र संचालक ने उसे डरा धमका कर उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया. बदनामी के डर से उसने यह बात परिजनों को नहीं बताई. जनसेवा केंद्र संचालक लड़की को डराता धमकाता रहता था. उसने लड़की का वीडियो वायरल कर दिया. इसके बाद जब पूरे मामले की जानकारी हुई. इस घटना के बाद लड़की के परिजन व हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर जन सेवा केंद्र संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की मामले की जांच
आनन-फानन में पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर जन सेवा केंद्र के संचालक आमिर पुत्र यूनुस निवासी मीरा दरवाजा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया.
अपर पुलिस अधीक्षक अजेय प्रताप सिंह ने कहा कि शमशाबाद थाने में एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि उसकी पुत्री का एक जन सेवा केंद्र संचालक ने डरा धमकाकर आपत्तिजनक वीडियो बना लिया है. आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. आरोपी को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









