
UP: छात्रा से दुपट्टा खींचने के आरोपियों ने की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश, पुलिस ने मारी गोली
AajTak
यूपी के अंबेडकर नगर में छेड़छाड़ से परेशान छात्रा की मौत के बाद मनचलों ने पुलिस गिरफ्त से भागने की कोशिश की. इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों की बंदूक छीनने की भी कोशिश की जिसके बाद दो आरोपियों को पुलिस ने गोली मार दी. हालांकि ये गोली दोनों आरोपी के पैर में लगी है जबकि तीसरे का भागने के दौरान पैर टूट गया.
यूपी के अंबेडकरनगर में मनचलों की करतूत से परेशान इंटरमीडिएट की छात्रा की मौत के बाद तीनों आरोपियों ने पुलिस गिरफ्त से भागने की कोशिश की. इस दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मियों की बंदूक छीनने की भी कोशिश की जिसके बाद जवानों ने उन्हें गोली मार दी. पुलिस एनकाउंटर में आरोपी शाहबाज और फैसल के पैर में गोली लगी है जबकि तीसरे आरोपी अरबाज का भागते वक्त गिरने से पैर टूट गया है.
दरअसल शुक्रवार को स्कूल से लौटते वक्त कुछ युवकों ने छात्रा से छेड़खानी की थी और उसका दुपट्टा खींच लिया था. इससे छात्रा साइकिल से सड़क पर गिर गई और गाड़ी से टक्कर के बाद मौत उसकी मौत हो गई थी. इस घटना से छात्रा के माता पिता सदमे में हैं.
मृतक लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी बायोलॉजी की छात्र थी, पढ़ाई में बेहद अच्छी थी और डॉक्टर बनना चाहती थी. पिता सभाजीत वर्मा ने बताया कि मौखिक तौर पर पुलिसवालों से एक हफ्ते पहले इन मनचलों की हरकतों को लेकर शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने कोई सुध नहीं ली, अगर उस वक्त कार्रवाई हुई होती तो आज उनकी बेटी जिंदा होती. बता दें कि छात्रा की मौत के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
मृतक की दोस्त ने क्या बताया?
लड़की अपने दोस्तों के साथ स्कूल से वापस घर आ रही थी. मृतक छात्रा की दोस्त ने रोते हुए बताया कि शाहबाज, अरबाज और फैसल पीछा कर रहे थे. वो पहले भी ऐसा ही करते थे. शुक्रवार को सीधा दुप्पटा खींच लिया जिसकी वजह से वह साइकिल से गिर गई, पीछे से फैसल ने उसके ऊपर बाइक चला दी.
जब तक मैं पहुंचीं उसके मुंह से खून आ रहा था, वह कुछ नहीं बोल पाई, अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया. मृतक छात्रा के पिता ने बताया कि उसकी मां का देहांत 8 साल पहले हो चुका था, पढ़ाई के साथ-साथ उनकी बेटी घर के भी काम करती थी. पिता ने कहा कि बेटी को इसलिए पढ़ाने भेजा था कि वो बुढ़ापे का सहारा बनेगी, अब न बेटी बची और न पत्नी.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









