
UP: चार दशक के बाद बाहुबली मुक्त हुई नौतनवा की सियासत, पहली बार जीती BJP
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उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की नौतनवा विधानसभा सीट पर दो बाहुबलियों की लड़ाई में तीसरे ने बाजी मार ली है. भाजपा-निषाद पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी ऋषि त्रिपाठी ने 40 वर्षो के मिथक को तोड़ दिया है.
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की नौतनवा विधानसभा सीट पर पहली बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत हुई है. यहां भाजपा-निषाद पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी ऋषि त्रिपाठी ने अपने निकटवर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) प्रत्याशी कुंवर कौशल सिह उर्फ मुन्ना सिंह को 15870 वोटों से हराया है.
ऋषि त्रिपाठी को 90122 मत मिले और सपा प्रत्याशी मुन्ना सिंह को 74252 मत. वहीं नौतनवा विधानसभा से विधायक और कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में पत्नी मधुमणि समेत आजीवन कारावास की सजा काट रहे बाहुबली नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के बेटे अमन मणि 45963 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे.
वीरेंद्र प्रताप शाही से शुरू हुआ सफर
अस्सी के दशक में इस विधानसभा की पहचान लक्ष्मीपुर विधानसभा के रूप में थी. तब पहली बार छात्र राजनीति से उभरे बाहुबली नेता वीरेन्द्र प्रताप शाही ने लक्ष्मीपुर से विधानसभा की सियासत में कदम रखा. उनको अखिलेश सिंह का साथ मिला. निर्दल प्रत्याशी के रूप में वीरेन्द्र प्रताप शाही पहली बार अमर मणि को शिकस्त देकर विधायक बने.
उस चुनाव में श्रीपद अमृत डांगे वाली कम्युनिस्ट पार्टी से गठबंधन के टिकट पर अमर मणि चुनाव लड़े थे. पांच साल बाद 1985 के चुनाव में वीरेन्द्र प्रताप शाही को लगातार निर्दल प्रत्याशी के रूप में जीत मिली. रेलवे के ठेकों को लेकर शिव प्रकाश शुक्ल ने वीरेन्द्र प्रताप शाही की हत्या कर दी. उसके बाद 1989 में अमरमणि लक्ष्मीपुर से विधानसभा चुनाव में उतरे.
अमरमणि ने लगाई जीत की हैट्रिक

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