
'इतनी गर्मी तो ट्रंप में भी नहीं...', इंद्रेश उपाध्याय की कथा में साउंड ऑपरेटर से भिड़े कन्हैया मित्तल, बिना माइक के गाए भजन, आयोजक भी हुए परेशान
AajTak
Kanhaiya Mittal Controversy: प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल एक बार फिर अपने तीखे तेवर और विवादों के कारण चर्चा में हैं. राजस्थान के अलवर में आयोजित एक भक्ति संध्या के दौरान साउंड ऑपरेटर से हुई उनकी भिड़ंत ने अब 'सोशल मीडिया वॉर' का रूप ले लिया है. गायक की इस 'अकड़' पर लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं.
हमेशा विवादों में रहने वाले श्याम भजन गायक कन्हैया मित्तल एक बार फिर से विवादों में आ गए हैं. राजस्थान के अलवर में चल रही इंद्रेश उपाध्याय की कथा के दौरान श्याम भजन गाने के लिए पहुंचे कन्हैया मित्तल का मंच पर साउंड ऑपरेटर से विवाद हो गया. इसके बाद मंच पर दोनों के बीच काफी देर तक कहा सुनी हुई. गुस्से में कन्हैया मित्तल ने बिना माइक के मंच पर गाना शुरू किया.
दरअसल, अलवर में विजयनगर मैदान में 17 मार्च से चल रही इंद्रेश उपाध्याय की कथा शुरू से ही विवादों में बनी हुई है. आयोजन समिति की तरफ से कई तरह की अनियमितताएं बरती जा रही हैं. पूरे मामले में कई तरह के विवाद सामने आ चुके हैं. इस कथा के दौरान लोगों की भीड़भाड़ भी कम नजर आ रही है.
मंच पर क्या हुआ?
कथा में गुरुवार रात शाम कीर्तन के दौरान भजन गायक कन्हैया मित्तल श्याम भजन गाने के लिए पहुंचे. उनको देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग वहां जमा हो गए. मंच पर भजन गाने के दौरान जब साउंड में कुछ दिक्कत हुई तो उन्होंने साउंड ऑपरेटर को टोकते हुए साउंड बेहतर करने के लिए कहा.
इस बात को लेकर साउंड ऑपरेटर और कन्हैया मित्तल में विवाद हो गया. साउंड ऑपरेटर ने साउंड बंद कर दिया और साउंड चलाने से मना कर दिया. तो कन्हैया मित्तल ने भी मंच से उसे नसीहत देते हुए कहा, ''इतना घमंड तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में भी नहीं है...''
बिना माइक के पहुंचे जनता के बीच

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कॉलेज पॉलिटिक्स से सियासी सफर का आगाज किया था. मुख्य धारा की राजनीति के डेब्यू चुनाव में हिमंत को हार का सामना करना पड़ा था. दूसरे प्रयास में पहली जीत का स्वाद चखने वाले हिमंत न सिर्फ असम की सत्ता के शीर्ष पर काबिज हुए, बल्कि पूर्वोत्तर पॉलिटिक्स की धुरी बनकर भी उभरे.

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुई हत्या के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए ईद-उल-फितर से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी, फ्लैग मार्च और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज कर दी है. हाई कोर्ट ने भी पुलिस को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि हालात किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं चाहिए और शांति बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए.











