
UP के आसमान में रहस्यमयी नजारे... जानिए Elon Musk के स्टारलिंक से इसका कनेक्शन
AajTak
12 सितंबर 2022 की रात उत्तर प्रदेश के लखनऊ और लखीमपुर खीरी समेत कई जिलों आसमान में रोशनी की एक कतार देखी गई. असल में ये दुनिया के सबसे रईस शख्स एलन मस्क के स्टारलिंक सैटेलाइट्स हैं. जो इसी तरह से आसमान में उड़ते हुए दिखते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में...
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और लखीमपुर खीरी जैसे कई शहरों में 12 सितंबर 2022 की रात आसमान में रोशनी की एक कतार देखी गई. ये रोशनी की कतार रात में गुजरती हुई रोशन ट्रेन की तरह दिख रही थी. असल में ये दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति, टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) के स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट (Starlink Internet Satellite) हैं, जो सोमवार रात भारत के आसमान से गुजरे.
एलन मस्क इन सैटेलाइट्स को लगभग हर दूसरे महीने अपने फॉल्कन-9 (Falcon-9) रॉकेट से अंतरिक्ष में छोड़ते हैं. इस रॉकेट में दो स्टेज होते हैं. पहला स्टेज आमतौर पर लॉन्चिंग के 9 महीने बाद धरती पर वापस लौट आता है. जबकि, दूसरा स्टेज स्टारलिंक सैटेलाइट्स को धरती की निचली कक्षा में स्थापित करता है. दूसरा स्टेज कुछ समय बाद धरती पर वापस क्रैश लैंडिंग करता है. इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी पंजाब में स्टारलिंक सैटेलाइट्स देखने को मिले थे. शुरुआत में लोग थोड़ा परेशान जरूर हुए थे लेकिन जब बाद में पता चला कि ये क्या हैं. तब राहत की सांस ली.
एलन मस्क अपने स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट (Starlink Internet Satellite) की बदौलत पूरी दुनिया के अंतरिक्ष से बेहतरीन और तेज इंटरनेट की सुविधा देना चाहते हैं. इस सैटेलाइट सर्विस का फायदा अभी 40 देश उठा रहे हैं. रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध (Russia-Ukraine War) के दौरान भी एलन मस्क ने स्टारलिंक सैटेलाइट के जरिए यूक्रेन को इंटरनेट की सुविधा दी थी.
स्पेसएक्स कंपनी ने मार्च 2022 में इस बात की घोषणा की थी कि स्टारलिंक के 2.50 लाख सब्सक्राइबर्स हो चुके हैं. जो मई तक बढ़कर 4 लाख हो गए थे. एशिया में इस सर्विस का फायदा उठाने वाला पहला देश फिलिपींस है. फिलहाल स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट (Starlink Internet Satellite) धरती से 550 से 570 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ते हैं. इतनी ऊंचाई पर सूरज की रोशनी धरती के दूसरी तरफ से इनपर पड़ती है. जिसकी वजह से रात में चमकते हुए दिखते हैं. ऐसा लगता है कि कई बल्बों को एक कतार में जोड़कर आसमान में उड़ाया जा रहा हो.
इस साल 3 फरवरी स्पेसएक्स ने 49 स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट (Starlink Internet Satellite) लॉन्च किए थे. लेकिन कुछ ही घंटों के बाद और सौर तूफान ने 40 सैटेलाइट्स को बेकार कर दिया था. जिसके बाद कंपनी ने घोषणा की ये 40 सैटेलाइट्स धरती के वायुमंडल में आकर खाक हो गए. हालांकि उसके बाद एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने कई बार स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट्स की लॉन्चिंग की है. हाल ही में दो बार इन सैटेलाइट्स की लॉन्चिंग की गई है.

देश में लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव समय समय पर होते रहते हैं. सरकारें आती है और जाती हैं. पर देश के करीब हर शहर में कुछ ऐसी समस्याएं हैं जो शाश्वत हैं. जो कोई भी सरकार आए या जाए यथावत बनी रहती हैं. क्या इस बार बीएमसी से ये उम्मीद की जानी चाहिए कि मुंबई की इन समस्याओं से आम लोगों को निजात मिलेगी?

देश आज मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू जैसे महत्वपूर्ण त्योहार मना रहा है. ये त्योहार न केवल हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं बल्कि इनका समाज और राजनीति पर भी गहरा प्रभाव है. इस वीडियो में हम बात करते हैं कि क्या 2026 की चुनावी क्रांति मकर संक्रांति से शुरू हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोंगल मनाने केंद्रीय मंत्री एल मुुरुगन के घर पहुंचे और तमिलनाडु के इस त्योहार को ग्लोबल फेस्टिवल बताया. साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पतंगबाजी की तस्वीरें भी चर्चा में हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सरकार पर लोगों की आवाज दबाने के आरोपों के जवाब में बीजेपी ने पलटवार किया है.

आज का दंगल पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई को लेकर हो रही सियासत पर है. 8 जनवरी को ईडी ने कोलकाता में आईपैक प्रमुख के घर और दफ्तर पर छापेमारी की थी. ईडी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने छापे में बरामद सारे दस्तावेज ये कहकर छीन लिये थे कि ये उनकी पार्टी के सीक्रेट्स हैं. ईडी ने कोर्ट में भी यही अर्जी दी कि ममता ने जांच से जुड़े सबूत छीन लिए. उनकी सीबीआई जांचं की जाए. ममता बनर्जी की पार्टी की ओर से किसी तीसरे शख्स ने खुद को अधिकृत बताते हुए अर्जी दी की कि ईडी ने जो जब्ती की है उसमें टीएमसी के सीक्रेट्स हैं, उन्हें सुरक्षित रखा जाए.

अमृतसर में एक बार फिर 10 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ई-मेल मिली है, जिससे हड़कंप मच गया है. ई-मेल में राष्ट्रीय गान को लेकर भड़काऊ संदेश भी लिखे गए हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एसएसपी देहाती सुहैल मीर के अनुसार स्कूलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर पहलू से जांच जारी है.

पुलिस ने इमामों और धार्मिक संस्थानों से निजी और आर्थिक जानकारी मांगी है जिसे धार्मिक आजादी और सुरक्षा नीति के संदर्भ में विवादित माना जा रहा है. राजनीतिक नेताओं ने इसे मुसलमानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और सामूहिक संदेह की नीति बताया है. ये मामला घाटी में धार्मिक आजादी, भरोसे और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है.








