
Taliban की वापसी से काबुल समेत पूरे देश में त्राहिमाम की स्थिति, अब ये होगा Afghanistan का नया नाम
Zee News
अफगानिस्तान में तालिबान रिटर्न्स (Taliban Returns) के कारण काबुल समेत पूरे देश में त्राहिमाम की स्थिति है और हालात बेहद डरावने हो चुके हैं. तालिबान का टेरर किस कदर लोगों के दिलो-दिमाग पर हावी है, इसकी बानगी काबुल के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखने को मिली.
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) को लेकर पूरी दुनिया को जिस बात का डर कई दिनों से था, वो डर आखिरकार रविवार को सच साबित हुआ. काबुल पर कब्जे के साथ ही अफगानिस्तान में 20 साल बाद तालिबान का फिर से राज हो गया. तालिबान रिटर्न्स (Taliban Returns) के कारण काबुल समेत पूरे अफगानिस्तान में त्राहिमाम की स्थिति है और हालात बेहद डरावने हो चुके हैं. Another Saigon moment: chaotic scenes at Kabul International Airport. No security. None. राष्ट्रपति भवन में तालिबान के आतंकवादी दाखिल हो चुके हैं और हथियारों से लैस तालिबानी आतंकवादियों ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया है. तालिबान ने दावा किया है कि उसका ना सिर्फ काबुल के 11 जिलों पर नियंत्रण हो चुका है, बल्कि अफगानिस्तान का कंट्रोल भी अब उसके ही हाथों में है. तालिबान ने इसीलिए अफगानिस्तान में जल्द अपनी हुकूमत का ऐलान करने की बात कही है और ये घोषणा भी की है कि अफगानिस्तान का नया नाम अब 'इस्लामिक एमिरेट ऑफ अफगानिस्तान (Islamic Emirate of Afghanistan)' होगा. — Saad Mohseni (@saadmohseni)
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



