
Strait of Hormuz... ईरान क्यों इसे दुनिया के गले की नस मानता है, बंद हुआ तो भारत पर क्या होगा असर
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होर्मुज भारत के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है. क्योंकि इस जलमार्ग से होकर भारत तक हर दिन बड़ी मात्रा में तेल पहुंचता है. इसके बंद होने से भारत पर व्यापक असर पड़ेगा. क्योंकि भारत प्रतिदिन 5.5 मिलियन बैरल तेल की खपत करता है, जिसमें से 1.5 मिलियन बैरल तेल इसी जलमार्ग से होकर आता है.
होर्मुज जलडमरुमध्य या Strait of Hormuz एक ऐसा समुद्री मार्ग है, जिस पर ईरान का नियंत्रण है. यह एक मात्र ऐसा रास्ता है, जिससे होकर खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई होती है. ऐसे ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इजरायल के साथ संघर्ष में अमेरिका की संलिप्तता के जवाब में दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में एक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है.
होर्मुज से होकर पूरी दुनिया का 26 प्रतिशत तेल व्यापार इसे मार्ग से होता है. ऐसे में इस रास्ते को बाधित करने से अमेरिका सहित कई यूरोपीय देशों सहित भारत पर भी इसका असर पड़ेगा. न्यूजवीक की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के एक सांसद अली याज्दिखाह ने गुरुवार को समाचार एजेंसी मेहर से कहा कि यदि अमेरिका इजरायल के समर्थन में युद्ध में शामिल होगा तो ईरान अमेरिका और पश्चिमी देशों पर दबाव डालने के लिए तेल व्यापार को बाधित करने के लिए होर्मुज के रास्ते को बंद कर देगा.
सिर्फ 21 मील संकरा है ये जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. एक जगह आकर यह काफी संकरा हो जाता है. जहां इसकी चौड़ाई लगभग 21 मील रह जाती है. इसमें दोनों दिशा में दो मील चौड़ी दो शिपिंग लेन हैं. इसी जगह ईरान जलमार्ग को बंद कर सकता है.
क्यों महत्वपूर्ण है ये रास्ता होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 26 प्रतिशत ट्रांसपोर्टेशन संभालता है.इस वजह से यह दुनिया में रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का मानना है कि इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले प्रवाह में किसी भी प्रकार की बाधा से विश्व तेल बाजारों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा.
क्या ईरान जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है? ईरान ने लंबे समय से दावा किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है. हालांकि, व्यावहारिक तौर पर जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया जा सकता, लेकिन ईरान इस जलमार्ग को वाणिज्यिक मार्ग के लिए बहुत खतरनाक बनाने का प्रयास कर सकता है, जिससे वैश्विक शिपिंग में प्रभावी रूप से बाधा उत्पन्न हो सकती है.
क्या पहले भी बंद हुआ है ये समुद्री मार्ग 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान, ईरान ने तेल टैंकरों और तेल लोडिंग सुविधाओं को बम और मिसाइलों से निशाना बनाया था. इसमें चीन में बने क्रूज मिसाइलों का उपयोग किया गया था. वहीं टैंकरों के परिवहन को बाधित करने के लिए स्पीडबोट का इस्तेमाल किया था. इन कार्रवाइयों ने जलडमरूमध्य को पूरी तरह से अवरुद्ध नहीं किया, लेकिन समुद्री यातायात काफी हद तक बाधित हो गई थी.

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