
Somwati Amavasya 2024: सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा के किए गए कड़े प्रबंध
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Somwati Amavasya 2024: सोमवती अमावस्या के दिन मात्र जलस्नान करना व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ के समान फल दे देता है. आज के दिन कोई अपने पितरों की कामना करते हुए किसी भी प्रकार से 108 परिक्रमा कर ले, तो यह निश्चित समझिए कि व्यक्ति का कितना भी कठिनाईपूर्ण जीवन सुधर जाता है और व्यक्ति की मनोकामना इच्छितकामना पूर्ण हो जाती है.
Somwati Amavasya 2024: आज सोमवती अमावस्या का स्नान पर्व है यानी सोमवार को अमावस्या. वैसे तो सभी अमावस्या का बेहद खास महत्व है, मगर सोमवती अमावस्या व्यक्ति के लिए पुण्यदायी और जीवनदायी मानी जाती है. सोमवती अमावस्या पर आज गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है और भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगा कर पुण्य और मोक्ष की कामना कर रहें हैं. गंगा स्नान करने के लिए यहां पर दूर दूर से श्रद्धालु भी आए हैं.
मान्यता है कि इस अवसर पर मां गंगा में स्नान करने से सभी कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूरी होती हैं, मोक्ष की प्राप्ति होती है और सैकड़ों अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है. साथ ही, इस अवसर पर पितरों के निमित पूजा करने से भी जीवन मे सुख और शांति आती है. पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं और मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांट कर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.
सोमवती अमावस्या का महत्व
पंडित मनोज त्रिपाठी का कहना है कि वैसे तो सभी अमावस्या पर गंगा स्नान का महत्व है मगर सोमयुता अर्थात सोमवती अथवा भोमयुता अर्थात भौमवती अमावस्या विशेष पुण्यदायी होती है. आप इसके पुण्य का इसी बात से प्रभाव लगा सकते है कि इस सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में स्वयं भीष्म पितामह ने अपनी शरशैया पर पड़े रहते हुए इंतजार किया था.
सोमवती अमावस्या या सोमयुता के दिन मात्र जलस्नान करना व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ के समान फल दे देता है और आज के दिन अपने पितरों के प्रति तर्पण श्राद्ध आदि करना, पीपल के वृक्ष की पूजा करना और उसमें अपने पितरों की कामना करते हुए किसी भी प्रकार से 108 परिक्रमा कर लें और सूत लपटे तो यह निश्चित समझिए कि व्यक्ति का कितनी भी कठिनाईपूर्ण जीवन हो, वो सुधर जाता है और व्यक्ति की मनोकामना इच्छितकामना पूर्ण हो जाती है.
गंगा आदि पवित्र नदियों में हरिद्वार आदि तीर्थों में आज के दिन स्नान का अत्यधिक महत्व है. आज ब्रह्मकुंड और हर की पैड़ी पर स्नान करके व्यक्ति अपने जीवन को कल्पकल्पान्तर तक के पाप नष्ट करके मोक्ष को प्राप्त कर लेता है. आज जो दान करेंगे, जो पुण्य करेंगे वो अक्षय है. सोमवती अमावस्या व्यक्ति की पुण्यदायी और जीवनदायी है.

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